Dhanbad News: त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने की तैयारी में जुटे हैं. दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को झरिया में एक ऐसे ही कारखाने का पर्दाफाश किया. खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में टीम ने झरिया थाना क्षेत्र के फतेहपुर रोड स्थित दिनेश गुप्ता के कारखाने में औचक छापेमारी की. इस दौरान 210 किलोग्राम प्रतिबंधित रंगों से तैयार रंगीन बताशा और 150 किलोग्राम मिलावटी सेवई बरामद की गई. कुल 360 किलोग्राम खाद्य सामग्री मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया.
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि फतेहपुर गली में बिना अनुमति अवैध रूप से मिठाई बनाने का कारखाना संचालित किया जा रहा है. सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने अचानक छापेमारी की. जांच के दौरान खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल का मामला सामने आया. साथ ही कारखाना बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाया गया.

कारखाना सील करने की कार्रवाई करती फूड सेफ्टी टीम
दीपावली बाजार में खपाने की थी तैयारी
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि बरामद रंगीन बताशों को दीपावली के दौरान बाजार में खपाने की तैयारी थी. कारखाने में तैयार खाद्य सामग्री की सप्लाई धनबाद जिले के विभिन्न बाजारों और दुकानों में की जाती थी. अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यहां तैयार बताशे और सेवई किन-किन दुकानों तक पहुंचाई गई हैं. यदि बड़े पैमाने पर सप्लाई हुई है, तो त्योहार के बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री की मौजूदगी लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है.
कमरे में बंद कर सील किए गए खाद्य पदार्थ
छापेमारी के बाद विभागीय टीम ने बरामद 210 किलो रंगीन बताशा और 150 किलो सेवई को एक कमरे में रखकर ताला बंद कर सील कर दिया. जब्त खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए रांची भेजे जाएंगे. प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद कारखाना संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें.कहीं भी मिलावट की आशंका होने पर विभाग को इसकी सूचना दें.
छापेमारी अभियान में सेफ्टी ऑफिसर चंदन कुमार साव, चंद्रदेव मंजू और नैना कुमार नायक भी शामिल थे.
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