Ranchi News: झारखंड के रेल यात्रियों को ट्रेन में सफर के दौरान अगर अचानक हार्ट अटैक या तो घबराने की आवश्यता नहीं है. दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब रेलवे कर्मचारी ही आपात स्थिति में यात्रियों के लिए मददगार साबित होंगे और उन्हें तुरंत जीवन रक्षक उपचार दे सकेंगे.
दक्षिण पूर्व रेलवे ने झारखंड सहित पूरे जोन में अपने कर्मचारियों के लिए सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) ट्रेनिंग की शुरुआत की है. रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य मुख्यालय और मंडलों के कम से कम 20 प्रतिशत कार्यालय कर्मचारियों को सीपीआर का व्यवहारिक प्रशिक्षण देना है. एसईआर के चिकित्सा विभाग और सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के सहयोग से यह विशेष अभियान अगले तीन महीनों तक चलेगा.
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इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत 22 सितंबर को एसईआर मुख्यालय में हुई, जहां 68 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण में कर्मचारियों को सीपीआर पर प्रेजेंटेशन दिखाने के साथ-साथ डमी (पुतलों) के जरिए व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है. सफल कर्मचारियों को प्रमाणपत्र भी दिए जा रहे हैं. झारखंड के विभिन्न मंडल मुख्यालयों, स्वास्थ्य इकाइयों और रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों में भी इस ट्रेनिंग की शुरुआत हो चुकी है, ताकि रेलवे कर्मचारी किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सही समय पर हस्तक्षेप कर लोगों की जान बचा सकें.
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