Lagatar Desk : सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया. हालांकि जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने साफ कहा है कि मेघालय हाईकोर्ट का जमानत देने वाला आदेश पहली नजर में सही नहीं लगता और इस पर चिंता जाहिर की. लेकिन उस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
बेंच ने कहा कि कहा कि शुरुआत में वह हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने पर विचार कर रही थी. लेकिन सुनवाई के दौरान सोनम के वकील ने बताया कि वह पहले ही जेल से रिहा हो चुकी है और ट्रायल कोर्ट की जमानत शर्तों के मुताबिक शिलांग में हैं. इसके बाद अदालत ने कहा कि रिहा होने के बाद इस स्तर पर ऐसा आदेश देना उचित नहीं होगा.
STORY | Honeymoon murder case: SC refuses to stay Meghalaya HC order granting bail to Sonam Raghuvanshi
— Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026
The Supreme Court on Friday refused to stay the Meghalaya High Court order granting bail to Sonam Raghuvanshi, accused of murdering her husband during their honeymoon in 2025.… pic.twitter.com/t6Y1oNnVQV
हाईकोर्ट के फैसले को सरकार ने दी थी चुनौती
बता दें कि मेघालय हाईकोर्ट ने शिलॉन्ग की निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें सोनम को जमानत दी गई थी. राज्य सरकार ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मामले के ट्रायल की प्रगति पर भी नजर रखेगा. साथ ही मेघालय सरकार की याचिका पर सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
सोनम के वकील ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल अदालत की सभी शर्तों का पालन कर रही हैं और जांच में पूरा सहयोग दे रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाती है तो इसका सीधा असर उनकी जमानत पर पड़ेगा.
सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की दी थी दलील
वहीं, राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि रघुवंशी पर लगे आरोप गंभीर हैं और उन्हें सिर्फ तकनीकी आधार पर रिहा नहीं किया जा सकता है. उनका कहना था कि निचली अदालत और हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण सबूतों और गवाहों पर पर्याप्त विचार नहीं किया.
उन्होंने यह भी कहा कि मामले के तथ्य बेहद गंभीर हैं और अदालत की अंतरात्मा को झकझोरने वाले हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और सबूतों पर अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट ही करेगी. अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई अगले गुरुवार तय की है.
क्या है मामला
राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को नोंगरियत स्थित एक होमस्टे से चेक-आउट करने के बाद दोनों लापता हो गए थे. बाद में राजा का शव सोहरा के वेइसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ. जबकि कुछ दिनों बाद सोनम उत्तर प्रदेश में मिली थीं. जांच के बाद पुलिस ने सोनम पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था.


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