- हरिवंश जी ने जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया.
- खड़गे ने कहा कि विदाई के जिक्र से ही दिल भर आता है
- राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर्ड नहीं होते
- हरिवंश ने नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया
NewDelhi : राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार सहित 59 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल से लेकर जून के बीच पूरा हो रहा है. आज बुधवार को राज्यसभा सदस्यों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया.
STORY | 'In politics, there's no full stop': PM bids farewell to 59 Rajya Sabha members, hails Deve Gowda, Kharge, Pawar
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
Prime Minister Narendra Modi on Wednesday paid tributes to 59 members retiring from the Rajya Sabha between April and July, calling Parliament "an open… pic.twitter.com/AZEnA7HMxi
इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि 37 सदस्यों का कार्यकाल आज पूरा हो रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों का कार्यकाल जब सदन नहीं चल रहा होगा, उस समय पूरा होगा. पीएम ने कहा कि सदन में हर दो साल के अंतराल में सांसदों का एक बड़ा समूह हमारे बीच से विदा हो जाता है.
VIDEO | Parliament Session: "We try to learn here, I try to take full part in debates. I believe to make this House more meaningful, more effort is needed," says Congress president Mallikarjun Kharge in Rajya Sabha.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/PkF0zWaNq7
पीएम ने कहा कि राजनीति में फुलस्टॉप नहीं होता. संसद में एक ऐसी व्यवस्था बनी है कि सांसदों का नया समूह जब आता है, उसे यहां चार साल से बैठे सांसदों से सीखने को मिलता है. पीएम मोदी ने सभी सदस्यों की सराहना करते हुए कहा, दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करना, अनुभव साझा करना लोकतंत्र की असली ताकत है.
उपसभापति हरिवंश की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि हरिवंश जी ने जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया. कहा कि संकट के समय जिम्मेदारी उपसभापति पर ही जाती है. इस अवसर पर रिटायर हो रहे उपसभापति हरिवंश ने याद करते हुए कहा कि उनकी दुनिया बहुत छोटी थी.
उन्होंने बताया कि उनके गांव के जयप्रकाश जी, उसी इलाके के चंद्रशेखर जी आदि लोग उनके प्रेरणास्रोत रहे. हरिवंश ने कहा कि साल 2014 में जब वे राज्यसभा में आये, तब वे विपक्ष में थे. बताया कि 1994 में पहली बार वे एक पत्रकार के रूप में विदेश गये थे.
हरिवंश ने अपनी विदेश यात्राओं को याद करते हुए कहा कि वे अनेक ऐसे ऐतिहासिक तथ्य बता सकते हैं, जिनसे पता चलता है कि हमारा सामर्थ्य कितना है. आज हम कहां से कहां पहुंच गये हैं .
हरिवंश ने कहा कि सबसे पहले जो आठ सदस्य रिटायर हो रहे हैं, उनमें मैं भी शामिल हूं. राज्यसभा के सभापति और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन लोगों ने उनके लिए जो शब्द कहे, उनसे खुद को जोड़ता हूं.
उन्होंने कहा कि मेरे सार्वजनिक जीवन में जो भी मार्गदर्शक रहे, उनके प्रति आभार. हरिवंश ने नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे ही उन्हें सार्वजनिक जीवन में लाये. हरिवंश ने कहा कि पहले टर्म में वे उपसभापति बने, कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा पढ़ने के लिए, जानने के लिए प्रेरणा दी.
हरिवंश ने एनडीए के सभी दलों का आभार प्रकट करते हुए कहा, उपसभापति बनने के बाद सभी दलों के सदस्यों का सहयोग मिला. इस क्रम में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विदाई के जिक्र से ही दिल भर आता है.
खड़गे ने कहा कि राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर्ड नहीं होते, टायर्ड भी नहीं होते. अपनी बात रखते हुए खड़गे ने कहा, हर आदमी संपूर्ण ज्ञानी नहीं होता. 54 साल के संसदीय जीवन के बाद भी मुझे सीखने की जरूरत पड़ती है. सदन में बहुत से खट्टे-मीठे अनुभव रहे हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जो लोग विदा ले रहे हैं, उनमें से बहुत से लोग फिर से सदन में लौट कर आयेंगे. कहा कि सदन को और बेहतर बनाने के लिए और प्रयासों की जरूरत है.
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