Ayodhya : अयोध्या मंदिर के दान की हेराफेरी मामले में बड़ी खबर आयी है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के तेवर तल्ख हैं, वे किसी को बख्शने के मूड में नहीं हैं. दान की राशि की गिनती से जुड़े आठ लोग गिरफ्तार कर लिये गये हैं.
बदलते घटनाक्रम के बीच खबर आयी है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों की मानें तो एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में कड़ी टिप्पणी के बाद दोनों के इस्तीफा देने की खबर सुर्खियों में है. एसआईटी की सिफारिश पर पहली एफआईआर पूर्व में ही दर्ज की जा चुकी है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में राम मंदिर के चंदे में हेराफेरी किये जाने के संबंध में कहा कि जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा. कहा कि SIT की रिपोर्ट सौंपे जाने के तुरंत बाद हेराफेरी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गयी थी.
उन्होंने कहा किसी भी हाल में दोषियों को बख्शा छोड़ा नहीं जायेगा. उन्हें सजा मिलेगी. कहा कि राम भक्तों' की परीक्षा न लें. योगी आदित्यनाथ विपक्ष पर बरसते हुए कहा, जिन लोगों ने भगवान राम को नकारा था. राम मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालत में मुकदमे लड़े थे, वे लोग आज आरोप लगाने आ गये हैं.
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आज मिंर्जापुर में अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद पर पूछा कि क्या बाबरी मस्जिद के लिए चंदा जमा किया गया था या नहीं? आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं.
मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए सनातन संस्कृति पर हमला किया जा रहा है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार और गलत कामों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. पुलिस प्रशासन निष्पक्ष रूप से जांच कर रहा है.
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