Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए राज्य सरकार के 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के बजट को जनकल्याणकारी बताया.
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सदन में बोलते हुए रामचंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इस बार 7908 करोड़ 30 लाख रुपये का प्रावधान किया है. उन्होंने कहा कि अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत गरीब परिवारों को 15 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है. मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सहायता राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है.
उन्होंने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ अब आम नागरिक भी उठा रहे हैं. इसके साथ ही 600 से अधिक डॉक्टरों और 2000 से अधिक नर्सों की बहाली की जा चुकी है. आगामी वर्ष में 800 डॉक्टरों और 2500 नर्सों की और नियुक्ति करने का लक्ष्य रखा गया है. सहिया बहनों को स्मार्टफोन और साइकिल भी उपलब्ध कराई जा रही है. जिला अस्पतालों में कैथ लैब, डायलिसिस सुविधा और ब्लॉक स्तर पर डिजिटल हेल्थ कॉरिडोर की व्यवस्था की जा रही है.
रामचंद्र सिंह ने खाद्य सार्वजनिक वितरण व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इस विभाग के लिए 2807 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ग्रीन राशन कार्ड के माध्यम से 20 लाख नए गरीब परिवारों को जोड़ा गया है. गुरुजी किचन के माध्यम से दाल भात केंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है और लोगों को 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. सोना सोबरन योजना के तहत गरीबों को साल में दो बार 10 रुपये में धोती और साड़ी दी जा रही है.
विधायक ने गृह और आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 1138 करोड़ 53 लाख रुपये के प्रावधान का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कारागारों में मोबाइल के अवैध उपयोग को रोकने के लिए सेलफोन जैमर और मोबाइल डिटेक्टर लगाए जाएंगे. प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राहत कोष में पर्याप्त राशि रखी गई है. जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है. उग्रवाद प्रभावित जिलों के विकास के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है.
इस दौरान रामचंद्र सिंह ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को भी सदन में उठाया. उन्होंने लातेहार जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों को भरने की मांग की. साथ ही महुआडांड़ और बरवाडीह प्रखंड में पोस्टमार्टम हाउस बनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों को पोस्टमार्टम के लिए 60 से 100 किलोमीटर दूर लातेहार जाना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है.
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