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रामगढ़: अशोक कालीन बौद्ध मठ के अवशेषों के संरक्षण की मांग

अशोक कालीन बौद्ध मठ के प्राचीन अवशेषों के संरक्षण की मांग को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है. रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत ग्राम मठवाटांड़ (मठगढ़) में स्थित है ये मठ.
 

Ranchi : अशोक कालीन बौद्ध मठ के प्राचीन अवशेषों के संरक्षण की मांग को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है. रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत ग्राम मठवाटांड़ (मठगढ़) में स्थित है ये मठ. संघ ने इस स्थल के वैज्ञानिक उत्खनन, संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है.

 

आदिवासी छात्र संघ द्वारा मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्राप्त साक्ष्यों तथा गया (बिहार) से आए पुरातात्विक विशेषज्ञों की प्रारंभिक जांच के अनुसार यह स्थल लगभग 2000 वर्ष प्राचीन बौद्ध मठ से संबंधित है. यह न केवल झारखंड, बल्कि भारत की प्राचीन बौद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है.

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संघ ने अपने ज्ञापन में बताया कि स्थानीय साक्ष्यों के अनुसार वर्तमान स्थल से 200–300 मीटर के दायरे में एक अन्य विशाल बौद्ध मठ के अवशेष दबे होने की प्रबल संभावना है. साथ ही, क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा इस ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका भी जताई गई है.

 

आदिवासी छात्र संघ ने राज्य सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं—

उक्त स्थल को तत्काल राज्य संरक्षित स्मारक घोषित कर उसकी घेराबंदी (फेंसिंग) कराई जाए.

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) अथवा राज्य पुरातत्व निदेशालय द्वारा वैज्ञानिक उत्खनन एवं विस्तृत डॉक्यूमेंटेशन कराया जाए.

ऐतिहासिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

स्थल को राजकीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और राज्य को राजस्व प्राप्त हो सके.


आदिवासी छात्र संघ ने झारखंड की गौरवशाली संस्कृति और इतिहास के संरक्षण के लिए सरकार से शीघ्र और ठोस कदम उठाने की अपील की है.

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