- चितरपुर ईदगाह मैदान में नमाज के बाद गले मिलकर एक दूसरे को दी गई मुबारकबाद, मेले में बच्चो ने जमकर की खरीदारी
Ramgarh : चितरपुर सहित आसपास के हजारों लोगों ने गुरुवार को ईद-उल-जोहा की नमाज के दौरान अमन चैन और भाईचारगी की दुआ मांगी. यहां नमाज के लिए सुबह 06 : 45 बजे का समय मुकर्रर था. समय से पहले ही यहां नमाजियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया.
ईदगाह मैदान में करीब 4 से 5 हजार लोगों ने एक साथ नमाज अदा किया. नमाज जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मुफ्ती सलाहुद्दीन जफर मजाहिरी ने अदा कराया. मौके पर यहां मेले का भी आयोजन किया गया. मेले में बच्चों ने जमकर खरीदारी की. इस दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सदल बल तैनात दिखे.
ईद-उल-जोहा की बधाई देने और सेवइयां खाने और खिलाने का दौर शाम तक चलता रहा. इस दौरान चितरपुर और आसपास के लोगों के बीच दिनभर उत्साह का माहौल देखा गया. नमाज पूरी होने के बाद ईदगाह मैदान में ही लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर बकरीद की बधाइयां दी. नमाज के लिए चितरपुर, मारंगमरचा, बड़कीपोना, रजरप्पा प्रोजेक्ट, भुचुंगडीह के लोग यहां पहुंचे हुए थे.
मौके पर शफीक अनवर, शहजादा अनवर, उप प्रमुख अरशद उल्लाह, हाजी परवेज अहमद, हाफिज नूरुल्लाह, जहीरूल हसन खान, हाजी वजीहउल्लाह, जकाउल्लाह, अनवर अली, हफीज उल्लाह सिद्दीकी, जरगाम अकबर, जाहिद अहमद, अब्दुल हकीम, तनवीर आलम, मोहम्मद जिलानी, शौकत अली, रिजवानुल होदा, मो साजिद, सुन्नत उल्लाह सहित कई मौजूद थे.
त्याग, कुर्बानी व आपसी भाईचारे का संदेश देता है ईद-उल-जोहा- मुफ्ती सलाहुद्दीन जफर मजाहिरी
ईद-उल-जोहा त्याग, कुर्बानी और आपसी भाईचारे का संदेश देता है. ईद-उल-जोहा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद के तौर पर मनाया जाता है. हजरत इब्राहिम अल्लाह के हुक्म पर अल्लाह के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के लिए अपने बेटे हजरत इस्माइल को कुर्बान करने पर राजी हुए थे. इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य लोगों में जनसेवा और अल्लाह की सेवा का भाव जगाना है. उन्होनें आगे कहा की हिंदुस्तान में हिंदू-मुस्लिम देश को आगे ले जाए, जहां नफरत की कहीं कोई जगह ना रहे.
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