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रामगढ़ : प्रदूषण और कैसर ए हिंद जमीन लूट के विरोध में पूर्व विधायक का अनोखा धरना

रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने शनिवार को जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय भवन की सीढ़ियों पर अकेले धरना में बैठ गए. यह धरना जिले में बढ़ते प्रदूषण और कैसर ए हिंद जमीन की कथित लूट के विरोध में था.
 

Ramgarh :   रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने शनिवार को जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय भवन की सीढ़ियों पर अकेले धरना में बैठ गए. यह धरना जिले में बढ़ते प्रदूषण और कैसर ए हिंद जमीन की कथित लूट के विरोध में था. 

 

पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने काफी अनोखे अंदाज में धरना-प्रदर्शन किया. उन्होंने जो कुर्ता-पायजामा पहना था, उस पर उनकी मांगें लिखी थीं. उनके वस्त्र पर “प्रदूषण रोको", "कैसरे हिंद जमीन की लूट बंद करो", "जागो डीसी जागो", "क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी चंदन कुमार को जेल भेजो" और "सीओ रमेश रविदास को जेल भेजो" जैसे नारे लिखे थे. 

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जानकारी के अनुसार, चौधरी अपने समर्थकों प्रकाश मिश्रा, रविंद्र शर्मा, दिलीप सिंह, चरण केवट, सुनील महतो, अभय सिंह, भगवान साव, कमलनाथ महतो, लक्ष्मी देवी सहित अन्य के साथ रामगढ़ जिला समाहरणालय परिसर पहुंचे थे.

 

लेकिन उन्होंने उपायुक्त कार्यालय भवन की सीढ़ियों पर अकेले धरना दिया. वे लगभग दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे. इसके बाद एनडीसी सह गोपनीय प्रभारी रविंद्र गुप्ता धरना स्थल पर पहुंचे और पूर्व विधायक के साथ जमीन पर बैठकर उनसे बातचीत की.

 

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रविंद्र गुप्ता ने बताया कि उपायुक्त राज्य निर्वाचन पदाधिकारी की बैठक में गए हैं और फिलहाल झारखंड में आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसके कारण धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. इसके बाद एनडीसी पूर्व विधायक शंकर चौधरी को अपने कक्ष में ले गए, जहां उनसे विस्तृत वार्ता हुई. 

 

इस दौरान चौधरी ने बिहार फाउंड्री सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण और लोहार टोला क्षेत्र में कई एकड़ कैसरे हिंद जमीन की कथित लूट का मामला रखा. 

 

एनडीसी रविंद्र गुप्ता ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद इन मांगों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इस संबंध में एक विभागीय पत्र रामगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को जारी किया है, जिसमें पूर्व विधायक द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में प्रदूषण और कैसरे हिंद जमीन मामले की जांच कर उपायुक्त को प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है.

 

धरना समाप्त करने के बाद पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा कि दोनों मामलों में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद एक महीने तक वे कार्रवाई का इंतजार करेंगे, इसके बाद पुनः इन्हीं मांगों को लेकर धरना दिया जाएगा.

 

 

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