Ramgarh: जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10-25 फरवरी तक चलेगा अभियान. लोगों के घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मी दवा खिलाएंगे. इसके सफल संचालन को लेकर जिले के सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार की अध्यक्षता में आज 9 फरवरी सोमवार को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) को लेकर बैठक हुई. इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि एमडीए 2026 के तहत 25 फरवरी तक जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. रामगढ़ जिले में कुल 10,53,034 लक्षित आबादी को डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी. दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र व्यक्तियों को दवा सेवन कराया जाएगा.

सिविल सर्जन ने बताया कि फाइलेरिया जैसी बीमारी से बचाव के लिए दवा का सेवन आवश्यक है. अभियान के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की टीम गठित की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में दवा वितरण एवं निगरानी के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं.
जिले में कुल 1156 बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 10 फरवरी को बूथ स्तर पर फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी. इसके बाद 11 फरवरी से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा का सेवन कराएंगे. अभियान की मॉनिटरिंग के लिए कुल 130 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं.
प्रखंडवार विवरण:
गोला: लक्षित आबादी – 1,72,409 | बूथ – 262 | सुपरवाइजर – 27
मांडू: लक्षित आबादी – 2,63,364 | बूथ – 293 | सुपरवाइजर – 33
पतरातू: लक्षित आबादी – 2,67,858 | बूथ – 279 | सुपरवाइजर – 30
रामगढ़: लक्षित आबादी – 3,49,403 | बूथ – 322 | सुपरवाइजर – 40
कुल लक्षित आबादी 10,53,034 है, जिसके लिए 1156 बूथ एवं 130 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं.
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. तुलिका रानी, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उदय श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार सिंह (डीपीएम), रश्मि आनंद (डीडीएम), आरिफ हैदर डीपीसी, जिला वीबीडी सलाहकार संजना कुमारी, रविकांत रवि लिपिक, रामगढ़ जिलांतर्गत पिरामल फाउंडेशन से रितेश कुमार एवं मिथुन भंडारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
सिविल सर्जन ने आमजनों से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करें एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जाने वाली दवाओं का सेवन अवश्य करें, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके.
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