Ramgarh : रेलकर्मियों के नवजात शिशुओं को तब तक रेलवे मेडिकल उपचार की पात्रता नहीं मिलती थी, जब तक उनका मेडिकल (उम्मीद) कार्ड बनकर तैयार नहीं हो जाता था. इस तकनीकी कमी या कारण से कई बार नवजात शिशु के जन्म के समय रेलकर्मी उनके उचित उपचार से वंचित रह जाते थे.
बरकाकाना ईसीआरकेयू शाखा कार्यालय में उपस्थित रेलकर्मियों को उक्त जानकारी देते हुए एआईआरएफ में ईसीआरकेयू के जोनल सेक्रेटरी ओपी शर्मा ने बताया कि इस गंभीर समस्या को देखते हुए डीसीजेसीएम अर्थात विभागीय समिति की संयुक्त परामर्शदात्री संस्था में स्टाफ साइड के सचिव और ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड की बैठक में इस मांग को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने नवजात शिशुओं के जन्म के समय समुचित मेडिकल व्यवस्था के अभाव में रेलकर्मियों को होने वाली समस्याओं और परेशानियों को जोरदार ढंग से रखा.
गोपाल शर्मा ने जानकारी दी कि इस संबंध में रेलवे बोर्ड के स्वास्थ्य निदेशक आशुतोष गर्ग द्वारा पत्र संख्या 2025/एच 1/19/1/डी सी जे सी एम 27 फरवरी को जारी करते हुए जरुरी निर्देश दिए गए हैं. इसके अनुसार, अब रेलकर्मी बिना उम्मीद कार्ड के भी अपने नवजात शिशु के जन्म के समय से ही उपचार की सुविधा प्राप्त करने के पात्र होंगे.
जन्म के तुरंत बाद होने वाली किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में अब रेल कर्मचारी को परेशानी नहीं होगी. रेलवे प्रशासन ने एआईआर एफ के इस जायज मांग को स्वीकार कर लिया है. यह स्पष्ट करता है कि एकता में ही शक्ति है. साथ ही यह ईसीआरकेयू और इसके फेडरेशन की व्यापक सक्रियता दर्शाती है और यह संदेश देता है कि रेलकर्मचारियों के विभिन्न हितों की रक्षा के लिए हम सदैव तत्पर हैं.
उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा, ईसीआरकेयू के महामंत्री एस एन पी श्रीवास्तव और एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर मो ज़्याऊद्दीन के सक्रियता के प्रति आभार प्रकट किया है. मौके पर सचिव महेंद्र प्रसाद महतो, कमल किशोर, अशोक महतो, प्रणव किशोर,संजय कुमार,अमर यादव, मृत्युंजय,रामचंद्र प्रसाद सहित कई सक्रिय सदस्य उपस्थित थे.
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