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Ramgarh News: CCL रजरप्पा के प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश की मनाही

सीसीएल रजरप्पा के कमांड क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक सभागार में एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया.
 

Ramgarh: सीसीएल रजरप्पा के कमांड क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक सभागार में एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में मुख्य रूप से रजरप्पा जीएम राजीव सिंह, प्रोजेक्ट पीओ एलके राय, वाशरी पीओ एल.बी. सिंह, महुआटांड थाना प्रभारी कृष्णा कुमार, रजरप्पा थाना के अवर निरीक्षक रंजीत कुमार महतो मौजूद थे. 


इस दौरान बैठक में क्षेत्र में कोयला चोरी, अवैध कोयला खनन, अवैध परिवहन एवं भंडारण की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को अवैध खनन एवं कोयला चोरी के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों के संबंध में जागरूक करने का आग्रह किया गया. 


साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि रजरप्पा परियोजना की खदान एवं वाशरी प्रतिबंधित क्षेत्र हैं तथा बिना अनुमति प्रवेश करना, कोयला चोरी करना अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त होना दंडनीय अपराध है. मौके पर महुआटांड थाना प्रभारी कृष्णा कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रबंधन के साथ हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है. 


वही रजरप्पा थाना के अवर निरीक्षक रंजीत कुमार महतो ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए होमगार्ड जवानों को सशस्त्र किए जाने तथा खदान एवं माइंस क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था बढ़ाने का सुझाव दिया.

 
महाप्रबंधक राजीव सिंह ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सीसीएल के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने अवैध कोयला खनन एवं कोयला चोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा की.

 

स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दे भी उठे

बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास एवं स्थानीय हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया. उन्होंने मांग की कि सीसीएल द्वारा संचालित कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजनाओं में परियोजना प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को और गति मिल सके. साथ ही आउटसोर्सिंग कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी पात्र स्थानीय ग्रामीणों को समान अवसर प्रदान करने का सुझाव दिया गया.

 

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