- खेतों में फसलों को रौंद रहे जंगली हाथी,
- घर-दुकानों को भी नुकसान
- एक माह पहले लारी में हुई थी दो लोगों की मौत
Ramgarh News: रामगढ़ जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों के झुंड की सक्रियता बढ़ गई है. जिले के अलग-अलग इलाकों में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है. हाथियों का झुंड खेतों में लगी मकई और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है. कई स्थानों पर हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ने की सूचना से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.
बड़गांव, जागेश्वर बिहार, रामगढ़-बोकारो सीमावर्ती क्षेत्र, गोला, मगनपुर और सोसो कला समेत कई इलाकों में हाथियों की मौजूदगी देखी गई है. फसलों को बचाने के लिए ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. करीब एक माह पहले लारी क्षेत्र में हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है.
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सोसो कला में घर का दरवाजा तोड़ा
बीती रात गोला प्रखंड के सोसो कला गांव में दो जंगली हाथी किसान शनिचर करमाली के घर के पास पहुंच गए. हाथियों ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की. हाथियों की आहट सुनकर घर में मौजूद लोग सहम गए और किसी तरह सुरक्षित बचे.
हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी सतर्क हो गए. ग्रामीणों के अनुसार गोला क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लगातार हाथियों की आवाजाही हो रही है. घरों, दरवाजों और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचने की घटनाओं से लोग रात के समय परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
राशन दुकानों और घरों को भी नुकसान
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अब केवल जंगल और खेतों तक सीमित नहीं रह गए हैं. कई जगहों पर वे राशन दुकानों और घरों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं. दुकानों में रखे खाद्यान्न और अन्य सामान को भी हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं.
पारंपरिक कॉरिडोर बाधित होने से बढ़ी परेशानी
वन क्षेत्र पदाधिकारी बटेश्वर पासवान ने बताया कि हाथियों का पारंपरिक कॉरिडोर बाधित होने के कारण उनके आवागमन का प्राकृतिक रास्ता प्रभावित हुआ है. सड़क निर्माण और जंगल क्षेत्र में हुए बदलाव के कारण हाथियों के शहर एवं आबादी वाले इलाकों की ओर आने की स्थिति बन रही है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि केले और बांस जैसे पौधे घरों के आसपास लगाने के बजाय जंगल क्षेत्र में लगाए जाएं, ताकि हाथियों को जंगल में ही भोजन उपलब्ध हो सके और जंगल भी हरा-भरा बना रहे.
चार से पांच क्यूआरटी टीमें तैनात
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए चार से पांच क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) तैनात की हैं. विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों के करीब नहीं जाने की सलाह दी गई है. फिलहाल हाथियों की लगातार आवाजाही ने ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग हाथियों के सुरक्षित आवागमन और आबादी वाले क्षेत्रों में उनके प्रवेश को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए.
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