Ramgarh : जिले के उरीमारी थाना क्षेत्र के CCL बरका सयाल के लुरूंगा के पास अवैध कोयला खनन चल रहा है. अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने से दो मजदूरों की मौत हो गई.

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स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अवैध कोयला खनन चल रहा है. मजदूरों को खदानों में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के अंदर उतार दिया जाता है. न उन्हें हेलमेट दिया जाता है, न सुरक्षा उपकरण और न ही कोई तकनीकी निगरानी. बस कोयला निकालते है, जिससे ऊपर बैठे लोगों की कमाई होती है. लेकिन जब चाल धंसती है तो माफिया गायब हो जाते हैं. मजदूरों की जिंदगी की कीमत चंद हजार रुपये से ज्यादा नहीं समझी जाती.
पहले भी कई बार ऐसा हादसा हो चुका है. इससे पहले भी राउतपारा में चाल धंसने से एक मजदूर की मौत हो चुकी है. वहीं चानो इलाके में दो अलग-अलग हादसों में तीन मजदूरों ने अपनी जान गंवाई थी. कुछ ही समय में कई मजदूरों की अवैध खनन में मौत हो चुकी हैं. इसके बावजूद न खदानें बंद हुई और न ही इस धंधे के असली सरगनाओं पर कोई कार्रवाई हुई, जिससे यह कारोबार रूक सके.
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है यह धंधा?
स्थानीय लोगों का इल्ज़ाम है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सबकुछ पता है, फिर भी सभी मौन हैं. दिन-रात कोयला निकलता है, ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से उसकी ढुलाई होती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों को कुछ दिखाई नहीं देता. हादसा होने के बाद जरूर प्रशासन एक्टिव नजर आती है, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला ठंडा पड जाता है.
गरीब मरता है, माफिया बच निकलता है
हर हादसे में मरने वाला गरीब मजदूर होता है. उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी की संकट खड़ी हो जाती है. दूसरी तरफ अवैध खनन से काली कमाई करने वाले माफिया अक्सर कानून की पकड़ से बच निकलते हैं. अगर समय रहते अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई होती, खदानों को सील किया जाता और पूरे नेटवर्क पर सख्ती से कार्यवाई की जाती, तो आज दो और परिवारों के घरों में मातम नहीं पसरा होता.
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