Ramgarh News : बरकाकाना हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में हुए हृदयविदारक हादसे के बाद मृतक विनीत महतो एवं संजीव केसरी के परिजनों को 31-31 लाख मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है.
पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों की जायज मांगों को गंभीरता से उठाए जाने के बाद यह राहत राशि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है. 28 घंटे फैक्ट्री गेट व सड़क पर शव के साथ फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को मनवाने को लेकर डटे रहे परिजन एवं ग्रामीण.

मुआवजे को लेकर परिजन व ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर किया प्रदर्शन
हादसे को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक है. मृतकों के परिजनों की पीड़ा को देखते हुए कहा गया कि अपनों को खोने का दर्द किसी भी मुआवजे से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन संकट की इस घड़ी में आर्थिक सहायता परिवारों को संबल प्रदान करेगी.
इस दौरान ग्रामीणों ने श्रमिकों की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन से हादसे की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने, फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है.
बता दें कि शुक्रवार को मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड की स्पंज आयरन फैक्ट्री के पावर प्लांट में उत्पादन कार्य के दौरान अचानक टरबाइन ब्लास्ट से तीन इंजीनियर की मौत हो गई थी जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया था.
20 दिन पहले भी टरबाइन में लगी थी आग
बताया जाता है कि 20 दिन पहले भी टरबाइन में आग लगी थी. लेकिन, हादसे को गंभीरता से नहीं लिया गया और हल्की-फुल्की रिपेयरिंग के बाद फिर टरबाइन को पुनः चालू कर उत्पादन किया जा रहा था. इतना ही नहीं फैक्ट्री में मजदूरों के लिए सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं रहता है, जिससे मजदूरों में काफी रोष देखने को मिला. मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती है.
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