Ramgarh : रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड की हेसला पंचायत में बिना पुनर्वास के विस्थापन की कार्रवाई पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. लोगों को जबरन विस्थापित करने के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ग्रामीणों के समर्थन में शुक्रवार को सड़क पर उतर गए. उन्होंने अपने समर्थकों के साथ बिरसा मार्केट, पटेल चौक के पास धरने पर बैठ गए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की जाती वह चुप नहीं बैठेंगे.
पूरा मामला हेसला पंचायत की पीटीपीएस कॉलोनी क्षेत्र से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, यह जमीन पूर्व में पीटीपीएस परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें न तो पूर्ण मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की गई.
ग्रामीणों ने बताया कि हेसला पंचायत की 222.26 एकड़ जमीन झारखंड सरकार ने जियाडा को हस्तांतरित की है, जिसमें से 40 एकड़ जमीन वरुण बेवरेज को आवंटित की गई है. पंचायत क्षेत्र में पंचायत भवन समेत कई योजनाओं पर सरकारी धन खर्च हो चुका है. वहीं कई परिवार यहां वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं.
लोगों का कहना है कि यदि अधिग्रहित जमीन का उपयोग 15 वर्षों तक निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं होता है, तो उसे मूल रैयतों को वापस करने का प्रावधान है. ऐसे में वे इस जमीन पर अपना अधिकार जता रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उन्हें झारखंड उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश भी प्राप्त है, बावजूद इसके प्रशासन कार्रवाई कर रहा है.
गुरुवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया था. शुक्रवार को आयोजित धरना में यशवंत सिन्हा के साथ रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी, प्रकाश मिश्रा, रवींद्र शर्मा, देवेंद्र सिंह सहित कई लोग शामिल थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment