- 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये जाने के आरोप वाला तीन किलोमीटर लंबा बैनर बना आकर्षण का केंद्र
- झारखंड से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित इंडिया गठबंधन के नेताओं की मौजूदगी
New Delhi : दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को माकपा ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता के प्रतिरोध का बड़ा प्रदर्शन बताया है. पार्टी का दावा है कि सुबह 10 बजे तक मैदान में लाखों लोगों की भीड़ जुट गई थी. रैली में किसान, मजदूर, छात्र, युवा, महिलाएं, छोटे व्यापारी, वकील और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में शामिल हुए.
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माकपा के अनुसार, रैली में तीन किलोमीटर लंबा एक बैनर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा. इस पर मतदाता सूची से हटाये गये 13 करोड़ नामों का मुद्दा उठाया गया था. पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में वोट चोरी और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर आम लोगों में नाराजगी है. रैली में हिंदी भाषी राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही.
झारखंड से इंडिया गठबंधन के नेताओं की मौजूदगी
रैली में झारखंड का भी प्रतिनिधित्व रहा. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ इंडिया गठबंधन के घटक दलों कांग्रेस, माकपा, राजद, भाकपा और अन्य वामपंथी दलों के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए. माकपा के राज्य सचिवमंडल ने रैली में भाग लेने वाले सभी लोगों को बधाई दी है.
माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई अब देशभर में खेतों-खलिहानों और मेहनतकशों के कार्यस्थलों तक ले जायी जायेगी. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के जरिये नफरत की राजनीति का मुकाबला किया जाएगा.
पार्टी ने रैली को जनभागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक एकजुटता का प्रदर्शन बताया. माकपा का कहना है कि मताधिकार से जुड़े सवालों पर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा.
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