- ट्राईफेड ने जनजातीय उत्पादों और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए किया कार्यशाला का आयोजन
Ranchi : भारत सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड क्षेत्रीय कार्यालय ने आज 'जनजातीय गरिमा उत्सव' का आयोजन किया. प्रदर्शनी-सह-कार्यशाला डांगराटोली स्थित कुसुम एम्पोरियम में आयोजित हुई.
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय उत्पादों और आजीविका पहलों को बढ़ावा देने के अलावा समुदायों की उपलब्धियों, उद्यमशीलता की सफलता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सामने लाना है.
कार्यशाला के दौरान आजीविका के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाले सफल उद्यमियों के जमीनी अनुभवों को रेखांकित किया गया. प्रदर्शनी में क्षेत्रीय जनजातीय विरासत और उनके अनूठे पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया.

प्रदर्शनी में शामिल लोग
इसके साथ ही जनजातीय कारीगरों, उद्यमियों और वन धन विकास केंद्रों (VDVK) की सफलता की कहानियों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण किया गया. लाभार्थियों के अनुभवों, तस्वीरों और लघु वीडियो का संग्रह भविष्य में इन कारीगरों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मददगार साबित होगा.
कार्यक्रम के आयोजन में ट्राइफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक राज कुमार और उप प्रबंधक एस. के. राजू ने मुख्य भूमिका निभाई. उन्होंने बताया कि इस उत्सव का एकमात्र उद्देश्य जनजातीय समाज को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाना है.
कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों और स्वयं सहायता समूहों में एक नया विश्वास जगाया गया. आयोजकों के अनुसार, इस प्रयास से झारखंड में जनजातीय कल्याण और स्थानीय आजीविका विकास के पहियों को मजबूत गति मिलेगी.
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