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Ranchi : ABVP ने उच्च शिक्षा व JPSC मुद्दे पर राज्यपाल से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन

झारखंड की राजधानी रांची की खबरें

Ranchi : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड प्रांत के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की. प्रतिनिधमंडल ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं और JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के विवादित परिणामों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विश्वविद्यालयों में स्नातक सीटों में कटौती, कई विषयों की पढ़ाई बंद होने, ग्रामीण क्षेत्रों में पीजी शिक्षा समाप्त करने, व्यावसायिक पाठ्यक्रम बंद करने और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर चिंता जताई.

 

अभाविप ने कहा कि नई व्यवस्था से शिक्षा का केंद्रीकरण बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीण, जनजातीय और दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो जाएगा. संगठन ने BBA, BCA, बायोटेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को दोबारा शुरू करने और B.Ed. सहित शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को स्ववित्तपोषित श्रेणी में रखकर बढ़ाई गई फीस वापस लेने की मांग की.

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ज्ञापन में JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों पर भी सवाल उठाए गए. अभाविप का आरोप है कि आयोग ने अपनी एसओपी का पालन नहीं किया, मुख्य परीक्षा के लिए निर्धारित समय नहीं दिया और बिना स्पष्ट कट-ऑफ के 2,200 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया. संगठन ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने और जांच पूरी होने तक मुख्य परीक्षा स्थगित रखने की मांग की.

 

प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 में छात्रसंघ से संबंधित प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई. अभाविप का कहना है कि नए कानून में छात्रसंघ की स्वायत्तता सीमित कर दी गई है और विश्वविद्यालय की निर्णय प्रक्रिया में छात्रों की भागीदारी कम कर दी गई है. साथ ही रांची विश्वविद्यालय में परीक्षा कार्य देख रही बाहरी एजेंसी NCFF पर वित्तीय और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप भी लगाए गए.

 

अभाविप ने राज्यपाल से हस्तक्षेप करते हुए स्नातक सीटों की कटौती वापस लेने, पीजी शिक्षा के केंद्रीकरण को समाप्त करने, बंद व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पुनः शुरू करने, लंबित छात्रवृत्तियों का भुगतान कराने, B.Ed. की फीस सामान्य शुल्क संरचना के तहत लाने और छात्रसंघ की पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मौसमी पाल, प्रांत प्रमुख डॉ. पंकज कुमार, प्रदेश संगठन मंत्री पशुपति उपमन्यु, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आनंद ठाकुर, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य दिशा दित्या, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बाबूलाल मेहता, प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय, संतोषी कुमारी और अंजली सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.

 


    
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