Ranchi : आजसू पार्टी ने मोरहाबादी में अतिक्रमण हटाने के नाम पर रांची नगर निगम द्वारा साप्ताहिक हाट बंद कराने और फुटपाथ दुकानों को हटाने की कार्रवाई का विरोध किया है. पार्टी का कहना है कि इस कार्रवाई से गरीब फुटपाथ विक्रेताओं की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है. वहीं, शहर की बड़ी आबादी भी साप्ताहिक हाट बंद होने से प्रभावित हुई है.
शनिवार को मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के सामने नगर निगम द्वारा कथित रूप से बिना पूर्व सूचना अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की सूचना मिलने पर आजसू के केंद्रीय सचिव हरीश कुमार, मीडिया संयोजक परवाज खान, युवा संयोजक चेतन प्रकाश, महानगर युवा अध्यक्ष अमित यादव और छात्र आजसू नेता प्रताप सिंह सहित अन्य नेता मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रभावित फुटपाथ विक्रेताओं से मुलाकात कर उनका समर्थन किया.
आजसू नेताओं ने आरोप लगाया कि विक्रेताओं को अपना सामान समेटने तक का अवसर नहीं दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा बुधवार और शनिवार को लगने वाला पुराना मोरहाबादी साप्ताहिक हाट बंद करा दिए जाने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पार्टी नेताओं ने कहा कि यह प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि गरीब और मेहनतकश लोगों के साथ अन्याय है. उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों की आजीविका पर बुलडोज़र चलाना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है.
युवा संयोजक चेतन प्रकाश ने कहा कि बड़े अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के मामले में प्रशासन नरमी बरतता है, जबकि गरीबों की छोटी-छोटी दुकानों पर सख्ती दिखाई जाती है. उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए इसकी निंदा की.
आजसू ने नगर निगम से मांग की है कि साप्ताहिक हाट और फुटपाथ विक्रेताओं के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. साथ ही प्रभावित लोगों को उचित राहत और मुआवजा दिया जाए और भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए.
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिला तो जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
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