Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में सक्रिय विभिन्न छात्र संगठनों की एक सर्वदलीय बैठक गुरुवार को आयोजित की गई. बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रहित एवं प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक में आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की एवं अजय रूंडा, आजसू छात्र संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू कुमार महतो, अध्यक्ष शिवम् सिंह, रवि एवं ज्योतिष, NSUI छात्र संघ के अक्षय महतो एवं सतीश केसरी और JCM छात्र संघ के प्रेम प्रतीक बमबारी सहित कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद सभी छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से कुलपति, कुलसचिव एवं DSW को ज्ञापन सौंपकर छात्रहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं.
बैठक करते छात्र

छात्र संगठनों की प्रमुख मांगें
1. “RRS” प्राइवेट एजेंसी की जांच
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राइवेट एजेंसी “RRS” की निष्पक्ष जांच की मांग की. साथ ही एजेंसी द्वारा नियुक्त सुरक्षा गार्ड एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ को दिए जा रहे मानदेय और विश्वविद्यालय और एजेंसी के बीच हुए MOU/एग्रीमेंट की शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई.
2. छात्र संघ भवन उपलब्ध कराने की मांग
छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ भवन को व्यवस्थित कर छात्र संगठनों को सौंपने की मांग की. जब तक भवन उपलब्ध नहीं होता, तब तक छात्र गतिविधियों के लिए विश्वविद्यालय का कोई सभागार या हॉल उपलब्ध कराने की मांग की गई.
3. UG एवं PG छात्रों को ID कार्ड जारी करने की मांग
सत्र 2025-29 (UG) एवं 2025-27 (PG) के छात्रों को अब तक पहचान पत्र नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई और अविलंब ID कार्ड जारी करने की मांग की गई.
4. मुख्य द्वार निर्माण कार्य पूरा करने की मांग
विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई ताकि विश्वविद्यालय की गरिमा एवं सुंदरता बनी रहे.
5. छात्र संघ चुनाव कराने की मांग
छात्र संगठनों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय विधेयक 2026 लागू किए जाने के बावजूद करीब 7 वर्षों से छात्र संघ चुनाव लंबित है. उन्होंने जल्द चुनाव कराने की मांग करते हुए कहा कि छात्र लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से वंचित हो रहे हैं.
6. TRL विभाग के लिए अलग भवन की मांग
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (TRL) विभाग के लिए अलग भवन निर्माण की मांग भी उठाई गई. छात्र संगठनों ने कहा कि DSPMU में 9 भाषाओं की पढ़ाई होती है, इसलिए झारखंडी भाषा, संस्कृति एवं सभ्यता के संरक्षण के लिए पृथक भवन जरूरी है.
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, सभी छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले सप्ताह से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment