Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के तहत आयुष निदेशालय द्वारा विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष का थीम सतत स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी रखा गया है.कार्यक्रम में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य विभाग विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा कि विश्व होम्योपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन के जन्मदिन पर मनाया जाता है.

इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और समग्र चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना है. उन्होंने कहा कि होम्योपैथी शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ रोग के मूल कारण का उपचार करती है. यह किफायती, सुलभ और सभी आयु वर्ग के लिए सुरक्षित है.
उन्होंने बताया कि आम लोगों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां निःशुल्क जांच, परामर्श और दवा वितरण की सुविधा दी जा रही है. साथ ही सूचना एवं शिक्षा सामग्री के माध्यम से लोगों को होम्योपैथी के लाभ की जानकारी दी जा रही है.
निदेशक आयुष सीमा कुमारी उदयपुरी ने कहा कि वर्तमान समय में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच होम्योपैथी एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है. इसके प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं.
राज्य में आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष के तहत कार्यरत 745 चिकित्सकों में 450 होम्योपैथिक चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वहीं राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय गोड्डा में संविदा आधारित प्रोफेसर और रीडर की नियुक्ति भी की जा चुकी है.
आयुष निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और आयुष पद्धतियों खासकर होम्योपैथी का लाभ उठाएं. विभाग ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने की बात कही है.कार्यक्रम में उपसचिव ध्रुव प्रसाद, झारखंड राज्य आयुष चिकित्सा परिषद के निबंधक डॉ वकील कुमार सिंह, धिरंजन शर्मा, नरेंद्र ठाकुर, डॉ राहुल रमन, डॉ अनुज कुमार मंडल, नूर आलम खान समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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