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रांची: फार्मा सही दाम ऐप पर जागरूकता कार्यक्रम, 600 दवाओं में मिले ओवरप्राइसिंग के मामले

Ranchi: राजधानी के आईपीएच सभागार में सोमवार को "द ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 एवं फार्मा सही दाम ऐप" विषय पर राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन झारखंड स्टेट फार्मास्युटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट द्वारा नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी, भारत सरकार के मार्गदर्शन में किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह थे.

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अजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की गरीब और ग्रामीण जनता को दवाइयों की सही कीमत के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि यदि फार्मेसी के छात्र-छात्राओं और केमिस्ट-ड्रगिस्ट संगठनों का सहयोग लिया जाए तो ऐसे जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाया जा सकता है.

 

इस अवसर पर एनपीपीए के डायरेक्टर कुमार अमन भारती ने दवाओं के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कोई भी दवा कंपनी सरकार द्वारा तय कीमत से अधिक दाम पर दवा नहीं बेच सकती. यदि कोई कंपनी ऐसा करती है तो उससे ओवरचार्ज की गई राशि की वसूली की जाएगी.

 

निदेशक (औषधि) ऋतु सहाय ने झारखंड स्टेट फार्मास्युटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट के कार्यों और राज्य में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जेपीएमआरयू के तहत कई जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं ताकि लोगों को दवाओं की सही कीमत की जानकारी मिल सके.

 

उन्होंने यह भी बताया कि मार्केट सर्वे के दौरान लगभग 600 दवाइयों में ओवर प्राइसिंग के मामले सामने आए हैं, जिनकी रिपोर्ट एनपीपीए को भेज दी गई है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.

 

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने "फार्मा सही दाम" मोबाइल ऐप की उपयोगिता के बारे में बताया. लोगों से अपील की गई कि वे इस ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करें, जिससे किसी भी दवा की सही कीमत की जानकारी तुरंत मिल सके.

 

कार्यक्रम में एनपीपीए के डायरेक्टर कुमार अमन भारती, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, डायरेक्टर-इन-चीफ डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, उप निदेशक डॉ. सुजीत कुमार, कुमार रजनीश सिंह, सहायक निदेशक राम कुमार झा और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर गुलाम रब्बानी समेत कई अधिकारियों ने अपने विचार रखे.

 

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्य, फार्मेसी कॉलेजों के विद्यार्थी और औषधि नियंत्रण निदेशालय के अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे.

 

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