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रांची : राखी व मिष्ठान की दुकानों में उमड़ी बहनों की भीड़

रक्षाबंधन के पर्व से पहले ही शहर की गलियां, बाजार और चौक-चौराहे पर बहनों की भीड़ से बाजार में रौनक आ गया है.
 

माइके जाने से पहले नव विवाहिता महिलाओं ने रचाई मेहंदी

 

Ranchi : रक्षाबंधन के पर्व से पहले ही शहर की गलियां, बाजार और चौक-चौराहे पर बहनों की भीड़ से बाजार में रौनक आ गया है. रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर सुबह से ही राखी की दुकानों और मिष्ठान भंडारों में भाई-बहनों की भीड़ उमड़ती रही. 

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शाम होते-होते बाजार में यह भीड़ सैलाब में बदल गई. रात आठ बजे तक दुकानों पर खरीददारों की कतारें लगी रहीं, हर कोई अपने भाइयों के लिए सबसे खूबसूरत राखी और सबसे मीठा उपहार चुनने में जुटते देखे गए.

 

राखी की दुकानों में रंग-बिरंगी और डिजाइनर राखियों की भरमार थी. कहीं मोतियों से भरी वाली राखियां, तो कहीं भगवान के चित्र वाली, बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां सबसे ज्यादा बिक रही थीं. कई जगहों पर हाथ से बनी राखियां भी लोगों को अपनी ओर ध्यान खींच रही थीं.

 

मिष्ठान भंडार में मिठाइयों की खुशबू में अलग-अलग दाम


रक्षाबंधन पर मिठाई की मिठास का अलग ही महत्व है, और इसका अंदाजा मिष्ठान भंडारों पर लगी भीड़ से साफ झलक रहा था. शहर के प्रमुख मिष्ठान भंडारों में पेड़ा 500 रुपये किलो, बर्फी 500 रुपये किलो, सफेद और काला रसगुल्ला 300 रुपये किलो, और काजू बर्फी 500 रुपये किलो के भाव से बिक रहे थे. मिठाइयों की ताजगी और खुशबू ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही थी.

 

स्कूल-कॉलेज की छात्राएं घर लौटते समय राखी और मिठाई खरीदने पहुंचीं, वहीं सरकारी और निजी कार्यालयों में काम करने वाले लोग शाम को अपने परिवार के लिए मिठाई के डिब्बे लेकर लौटते नजर आए.

 

माइके जाने से पहले नव विवाहिता महिलाओं ने रचाई मेहंदी

 

राखी से एक दिन पहले ही बहनों ने सजधज की तैयारी शुरू कर दी. शहर के रंगरेज गली में मेहंदी आर्टिस्टों के पास दिनभर महिलाओं और लड़कियों का तांता लगा रहा. खासकर नवविवाहित महिलाएं अपने हाथों में सुंदर-सुंदर डिजाइनों वाली महंदी लगवाती नजर आईं. कहीं-कहीं तो भाई भी अपनी बहनों के हाथ पर महंदी लगवाने में मदद करते देखे गए. माइके जाने से पहले बहनों ने भाइयों के हाथों में भी थोड़ी मेहंदी लगवाई।

 

त्योहार का माहौल पूरे शहर में

 

रात ढलते-ढलते पूरा शहर मिठास और भाई-बहन के प्रेम में डूब गया. हर घर में तैयारी जोरों पर है. कहीं लड्डू के डिब्बे पैक हो रहे थे, तो कहीं राखियों को थाल में सजाया जा रहा था. बाजार में भी दुकानदारों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी क्योंकि साल भर इंतजार करने के बाद यह दिन उनके लिए भी खास कमाई का मौका लेकर आया है.

 

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