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Ranchi : DPS में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों को दी गई डिजिटल सुरक्षा की जानकारी

Ranchi : दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिए विवेकानंद ऑडिटोरियम में एक साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार साइबर व्यवहार को बढ़ावा देना था.

 

 

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही. रांची के पुलिस अधीक्षक पारस राणा, यातायात पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह और साइबर प्रभाग के पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप कुमार ने साइबर सुरक्षा और संरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. विद्यार्थियों ने अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया, जो हरित भविष्य के प्रति आभार और प्रतिबद्धता का प्रतीक था.

 

सभा को संबोधित करते हुए रांची के एसपी पारस राणा ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि जागरूकता और सावधानी ही साइबर धोखाधड़ी से बचाव का सबसे मजबूत माध्यम है. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें.

 

रांची के एसपी (ट्रैफिक) राकेश सिंह ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि तकनीकी प्रगति किस प्रकार यातायात प्रबंधन को बदल रही है और देशभर में सड़कों को अधिक सुरक्षित बना रही है. उन्होंने इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम, डिजिटल मॉनिटरिंग और निगरानी तंत्र जैसी तकनीक आधारित पहलों की जानकारी दी, जिन्हें सड़क सुरक्षा बढ़ाने और यातायात नियमों के बेहतर पालन को सुनिश्चित करने के लिए अपनाया जा रहा है. उन्होंने विद्यार्थियों से जिम्मेदार नागरिक बनने और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया.


साइबर डिवीजन के डीएसपी प्रदीप कुमार ने बढ़ते साइबर अपराधों पर विस्तार से चर्चा की और विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग हमलों और डिजिटल धोखाधड़ी के सामान्य तरीकों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों को संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लगातार प्राप्त करते रहने के लिए प्रेरित किया.

 

विद्यालय की प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल साक्षरता और साइबर जागरूकता अनिवार्य जीवन कौशल बन चुके हैं. ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए सशक्त बनाते हैं. हम प्रतिष्ठित अधिकारियों के प्रति आभारी हैं, जिन्होंने हमारे विद्यार्थियों को सुरक्षित और नैतिक तरीके से तकनीक का उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किए.

 

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