- डीसी के जवाब पर एमिकस क्यूरी को अपना प्रति उत्तर देने का निर्देश
- अगली सुनवाई 17 सितंबर को
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई की. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने कोर्ट को बताया गया कि तीन प्रमुख डैम- धुर्वा डैम, कांके डैम और गेतलसूद डैम की जमीनों पर अतिक्रमण से संबंधित रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है. जिस पर एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि यह रिपोर्ट उन्हें अभी तक नहीं मिल पाई है.
कोर्ट ने सरकार को रिपोर्ट की प्रति एमिकस क्यूरी को देने का निर्देश देते हुए एमिकस क्यूरी को डीसी की रिपोर्ट पर अपना प्रति उत्तर देने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी.
यहां बता दें कि पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि तीन प्रमुख डैम- धुर्वा डैम, कांके डैम, गेतलसूद डैम और उनसे जुड़े जलाशयों की जमीनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मामले में कई जरूरी दस्तावेज तैयार किया जा रहा हैं. इस संबंध में डीसी रांची की रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी जाएगी.
एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से कोर्ट के समक्ष धुर्वा डैम परियोजना की जमीन पर अतिक्रमण से संबंधित प्राथमिकी की जांच की सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी. एंटी-करप्शन ब्यूरो के वकील सुमित गडोदिया ने कोर्ट को बताया था कि 7 जनवरी 2026 के आदेश के बाद नगड़ी थाना कांड संख्या 21/2026 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है जिसकी जांच जारी है.
3 डैम के लिए अधिग्रहित भूमि और अतिक्रमण पर डीसी से मांगा था जवाब
कोर्ट ने रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया था कि वे एक विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करें, जिसमे रांची के तीनों डैम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि का सटीक विवरण और नक्शा उस भूमि पर हुए अतिक्रमण का पूरा ब्यौरा (सर्वे नंबर सहित) अतिक्रमण हटाने के लिए उठाए गए कदम के बारे में जानकारी हो.
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