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Ranchi : DSPMU में नामांकन प्रक्रिया में निजी एजेंसी की भूमिका खत्म करने की मांग, कुलपति को सौंपा ज्ञापन

Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में यूजी एवं पीजी नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने की मांग को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने आज कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर को ज्ञापन सौंपा. संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की सीटों में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करने और नामांकन प्रक्रिया में निजी एजेंसी की भागीदारी समाप्त करने की मांग की गई.
 
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Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में यूजी एवं पीजी नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने की मांग को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने आज कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर को ज्ञापन सौंपा. संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की सीटों में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करने और नामांकन प्रक्रिया में निजी एजेंसी की भागीदारी समाप्त करने की मांग की गई.

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संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष, मेरिट आधारित एवं समयबद्ध होनी चाहिए। दस्तावेज़ सत्यापन सहित किसी भी प्रकार के सत्यापन कार्य में किसी निजी एजेंसी (प्राइवेट एजेंसी) या तृतीय पक्ष को शामिल नहीं किया जाना चाहिए. संघ का कहना है कि नामांकन एवं दस्तावेज सत्यापन का पूरा कार्य केवल विश्वविद्यालय के स्थायी शिक्षकों और अधिकृत अधिकारियों द्वारा ही कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो.


ज्ञापन में बीबीए, एमबीए, कंप्यूटर विज्ञान, वाणिज्य, कुड़ुख (उरांव), संथाली, मुंडारी, हो एवं खड़िया जैसे रोजगारपरक एवं लोकप्रिय पाठ्यक्रमों की सीटों में संभावित कटौती पर भी चिंता जताई गई. संघ ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी नामांकन के लिए आवेदन करते हैं. सीटें घटने से विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित होना पड़ सकता है.


आदिवासी छात्र संघ ने झारखंड के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभागों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने और झारखंडी भाषाओं को बढ़ावा देने की भी मांग की. संघ का कहना है कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है, इसलिए स्थानीय भाषाओं में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जाना चाहिए.


संघ ने सभी मेरिट सूची, कट-ऑफ, रिक्त सीटों का विवरण और स्पॉट नामांकन से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर प्रकाशित करने, सभी विभागों के नोटिस बोर्ड पर सीट मैट्रिक्स और मेरिट सूची प्रदर्शित करने, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और नामांकन प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की.


ज्ञापन प्राप्त करने के बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि छात्रहित विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सभी मांगों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक एवं उचित कार्रवाई की जाएगी और विश्वविद्यालय पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

 

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