Ranchi : झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा के तत्वावधान में डॉ. वीपी केशरी जयंती सह विचार-गोष्ठी का आयोजन हुआ. इस मौके पर विभिन्न जिलों से बुद्धिजीवी, झारखंड आंदोलनकारी, वैश्य मोर्चा पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए. अध्यक्षता वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने किया. जबकि संचालन उप प्रधान महासचिव अशोक गुप्ता एवं केंद्रीय महासचिव आदित्य नारायण प्रसाद ने किया.
इस अवसर पर दस बुद्धिजीवियों को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ बीपी केसरी को पद्म भूषण की उपाधि दिया जाए. क्योंकि बीपी केसरी नागपुरी भाषा शिक्षा विद् थे. साहित्यकार थे, लेखक थे, जिसने नागपुरी भाषा को देश एवं विदेशों तक पहुंचाने का काम किया है. वैश्य मोर्चा के लोगों ने कहा कि संविधान सभा परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए.
बीपी केसरी की जयंती पर हर साल वैश्य मोर्चा द्वारा डॉ. वीपी केशरी साहित्य सम्मान साहित्यकार को प्रदान करने का घोषणा किए गए. इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने कहा कि डॉ. वीपी केशरी वैश्य मोर्चा के सलाहकार और मार्ग दर्शक भी थे. उन्होंने झारखंड में अलग राज्य की लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने वाले शख्सियत थे. शिक्षा और साहित्य के लिए भी डॉ. केशरी ने बहुत काम किए. लेकिन अफसोस की बात है कि राजनितिक पार्टियो ने उन्हें दरकिनार करने का काम किया है. झारखंड में उनके योगदान को भुलाने का प्रयास किया जा रहा है.
मौके पर वैश्य मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष रामसेवक प्रसाद, केंद्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मण साहु, दिनेश्वर मंडल, दिनेश्वर साहु, केंद्रीय महासचिव दिलीप प्रसाद, रामाशंकर राजन, संगठन महासचिव कृष्णा साहु केशरी, जगदीश साहु, अनिल वैश्य, सतीश जायसवाल, आकाश पंकज, मनोज कुमार, केंद्रीय सचिव राजेन्द्र साहु, विजय कुमार, नरेश साहु, हलधर साहु, आदित्य पोद्दार, नंदकिशोर साहु, मुकेशलाल सिंदूरिया, विश्वामित्र गुप्ता बाचल, देव कुमार पंडित आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.
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