Ranchi : रांची के जिस जिला खनन पदाधिकारी (DMO) अबु हुसैन पर रातों-रात करीब 90 हजार घनफीट बालू गायब कराने का आरोप लगा है, उसी डीएमओ अबु हुसैन को विभाग ने दो-दो जिलों का प्रभार दे रखा है. अबु हुसैन वर्तमान में रांची के साथ-साथ लोहरदगा डीएमओ का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं. अब मीडिया में मामला सामने आने के बाद रांची डीएमओ पूरी तरह घिरते नजर आ रहे हैं.
मामले को लेकर खनन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. सूत्रों के अनुसार मामला तूल पकड़ने के बाद विभाग की ओर से शो-कॉज जारी किया गया है. हालांकि अब तक विभाग की तरफ से खुलकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
जानकारी के मुताबिक यह पहला मौका नहीं है जब अबु हुसैन विवादों में आए हों. इससे पहले भी उन पर खनन और बालू उठाव को लेकर कई आरोप लग चुके हैं. पूर्व में शिकायतों के बाद जांच के आदेश भी दिए गए थे और जांच भी हुई, लेकिन आज तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई. यही वजह है कि अब विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.
इधर, ताजा मामले के बाद खनन विभाग के अंदरखाने हलचल तेज हो गई है. अधिकारियों के बीच पूरे मामले को लेकर चर्चा गर्म है, लेकिन अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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स्थानीय लोगों और विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बार-बार आरोपों में घिरने वाले अधिकारी को लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना कई बड़े सवाल पैदा करता है. लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और खनन विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं.
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