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BREAKING : रांची DMO ने रातू में जब्त 90 हजार घनफीट बालू करा दिया गायब

रांची के डीएमओ मो अबु हुसैन ने 90 हजार घनफिट जब्त बालू को गायब करा दिया. 13 मई की रात डीएमओ ने खुद खड़ा होकर 40 हाईवा पर बालू को लोड करके उठवा दिया. इस बालू को गत 12 मई को माइनिंग इंस्पेक्टर रौशन कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने जब्त किया था. इस बालू की बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये होगी. थाना प्रभारी ने कहा है कि डीएमओ, सरकारी काम के नाम पर रात को बालू ले गये.
 
रांची डीएमओ

Ranchi : रांची के डीएमओ मो अबु हुसैन ने 90 हजार घनफीट जब्त बालू को गायब करा दिया. 13 मई की रात डीएमओ ने खुद खड़ा होकर 40 हाईवा पर बालू को लोड करके उठवा दिया. 

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बालू उठाती हाइवा

इस बालू को गत 12 मई को माइनिंग इंस्पेक्टर रोशन कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने जब्त किया था. इस बालू की बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये होगी. थाना प्रभारी ने कहा है कि डीएमओ, सरकारी काम के नाम पर रात को बालू ले गए.

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जानकारी के मुताबिक खनन विभाग ने 12 मई को कार्रवाई करते हुए करीब 90 हजार घनफीट अवैध बालू जब्त किया था. लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब्त बालू महज दो दिन के भीतर ही रात के अंधेरे में गायब होने लगा. ग्रामीणों के विरोध के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है.

 

बताया जाता है कि 12 मई को माइनिंग इंस्पेक्टर रोशन कुमार ने रातू के चटकपुर में अवैध रूप से डंप किए गए बालू को जब्त किया. उन्होंने जब्त बालू को रातू थाना की पुलिस को सुपुर्द कर दिया था. यह बालू प्रवीण प्रजापति और बासुदेव पंडित से जुड़ा हुआ था.

 

नियम के मुताबिक जब्त बालू का मापी कर सीजर रिपोर्ट तैयार की जाती है और बाद में उसकी नीलामी की प्रक्रिया होती है. लेकिन इससे पहले ही 13  मई की रात बालू को दूसरी जगह शिफ्ट करने का खेल शुरू हो गया.

 

सूत्रों के मुताबिक देर रात 25-30 हाईवा और कई जेसीबी मशीनों के जरिए जब्त बालू हटाया जा रहा था. ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने पर रातू थाना पुलिस पहुंची और कार्रवाई करते हुए 3 हाईवा और 3 जेसीबी को जब्त कर लिया, जबकि कई वाहन मौके से फरार होने में सफल रहे.

 

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला खनन पदाधिकारी मो अबू हुसैन खुद मौके पर मौजूद थे और गाड़ियों को हटाने की निगरानी कर रहे थे. आरोप है कि ग्रामीणों द्वारा रोकने पर उल्टा उनसे ही सवाल किया गया कि उन्हें गाड़ियों को रोकने का अधिकार किसने दिया.

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि बालू थाना के सुपुर्द किया गया था तो बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए उसे दूसरी जगह शिफ्ट करना पूरी तरह नियम विरुद्ध है. सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मौके पर अवैध तरीके से बालू हटाया जा रहा था तो वहां मौजूद अन्य वाहनों पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

 

इस मामले में लगातार संवाददाता ने रांची डीएमओ का पक्ष लेने के लिए कई बार फोन किया पर उन्होंने जवाब नहीं दिया.

 

ग्रामीण उठा रहे हैं सवाल

-    जिला खनन विभाग पर लग रहे आरोप.

-    90 हजार सीएफटी अवैध बालू आखिर रांची के रातू थाना क्षेत्र में कैसे जमा हो गया.

-    रांची डीएमओ की मैजूदगी में रात के अंधेरे में बालू ले जाने की क्या मजबूरी रही. 

-    जब्त बालू को किसके आदेश पर हटाया जा रहा था. 

-    खनन विभाग के नियमों को दरकिनार कर इतनी बड़ी कार्रवाई रात के अंधेरे में क्यों की गई.

 

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