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रांची : मारवाड़ी कॉलेज की बायोटेक अध्यापिका डॉ. पिंकी राज साहू को मिला अंतरराष्ट्रीय बायो-स्टार्टअप अवार्ड

मारवाड़ी कॉलेज, रांची के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की अध्यापिका एवं झारखंड की प्रख्यात कृषि उद्यमी डॉ. पिंकी राज साहू को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित “बायो-स्टार्टअप अवार्ड” (Bio-Startup Award) से सम्मानित किया गया है.
 

Ranchi : मारवाड़ी कॉलेज, रांची के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की अध्यापिका एवं झारखंड की प्रख्यात कृषि उद्यमी डॉ. पिंकी राज साहू को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित “बायो-स्टार्टअप अवार्ड” (Bio-Startup Award) से सम्मानित किया गया है.

 


यह सम्मान उन्हें महाराष्ट्र के कराड़ स्थित कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (कृष्णा विश्व विद्यापीठ) में माइक्रोबियोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया (MSI) के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बायोमेक इन इंडिया-III के दौरान प्रदान किया गया.

 


पुरस्कार वितरण समारोह में माइक्रोबियोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एएम देशमुख एवं सम्मेलन के संयोजक व डीन डॉ. जीआर पाठाडे ने डॉ. साहू के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की. उन्होंने कहा कि डॉ. साहू का कार्य जैव-नवाचार और सामाजिक सरोकारों का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है.

 

संजीवनी किट बनी सम्मेलन का आकर्षण

 

सम्मेलन में डॉ. पिंकी राज साहू द्वारा विकसित एकीकृत माइक्रोबियल बायो-इनपुट संजीवनी किट: जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स (SANJEEVANI KIT) विशेष आकर्षण का केंद्र रही. इस नवाचारी किट का विकास डॉ. पिंकी राज साहू एवं गोंदिया/मुंबई स्थित अग्रणी एग्रीकल्चर बायोटेक कंपनी रुचि बायोकेमिकल्स के प्रोपराइटर डॉ. महेंद्र ठाकुर के संयुक्त अनुसंधान एवं सहयोग से किया गया है.

 

यह किट मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, फसल उत्पादकता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने में किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है. डॉ. ठाकुर के तकनीकी मार्गदर्शन और डॉ. साहू के जमीनी अनुभव के समन्वय से यह उत्पाद प्रभावी रूप से किसानों तक पहुंच रहा है.

 

डॉ. साहू अपनी संस्था ‘सेवा धाम’ (SEWA DHAAM) के माध्यम से झारखंड की 12 पंचायतों में सक्रिय हैं. उनके प्रयासों से 250 से अधिक किसान और 10 स्वयं सहायता समूह (SHGs) जैविक खेती एवं मशरूम उत्पादन के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार और सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है.

 

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर डॉ. पिंकी राज साहू ने डॉ. एएम देशमुख, डॉ. जीआर पाठाडे एवं विशेष रूप से डॉ. महेंद्र ठाकुर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार टीम वर्क और निरंतर नवाचार की जीत है.

 

डॉ. साहू ने यह भी बताया कि मारवाड़ी कॉलेज, रांची के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार एवं बायोटेक विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव रजक के सहयोग और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो पाई है. प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने डॉ. साहू को इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके प्रयासों को आगे भी जारी रखने के लिए प्रेरित किया.

 

 


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