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रांची: लोकसभा निर्वाचन 2024 के निष्पक्ष संचालन को लेकर एमसीएमसी का गठन

Ranchi : लोकसभा निर्वाचन 2024 के निष्पक्ष संचालन को लेकर जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) का गठन जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुआ. एमसीएमसी शहर अंचल कार्यालय रांची के प्रथम तल्ला में कार्य करेगा. इसका गठन प्री-सर्टिफिकेशन का कार्य और पेड न्यूज पर कड़ी नजर रखने के लिए किया गया है. इसे भी पढ़ें -">https://lagatar.in/if-india-coalition-forms-government-it-will-set-up-sit-to-probe-electoral-bond-issue-congress/">

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प्रसारण करने से पूर्व एमसीएमसी की अनुमति होगी जरूरी

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की सामग्री का प्रसारण करने से पूर्व एमसीएमसी से पूर्वानुमति आवश्यक होगी. कोई भी राजनीतिक दल,प्रत्याशी,कोई व्यक्ति,व्यक्त्तियों का समूह, एसोसिएशन,ऑर्गनाईजेशन, ट्रस्ट अगर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर कोई भी विज्ञापन का प्रसारण करना चाहते हैं तो एमसीएमसी को आवेदन देना होगा. रजिस्टर्ड राजनीतिक दल के प्रत्याशी को किसी भी सामग्री के विज्ञापन प्रसारण की तिथि से 3 दिन पूर्व व अनरजिस्टर्ड राजनीतिक दल या अन्य व्यक्ति को विज्ञापन प्रसारण की तिथि के 7 दिन पहले एमसीएमसी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 127-ए के तहत पोस्टर व पम्पलेट मुद्रण व विज्ञापन के संबंध में आवश्यक निर्देश भी जारी किया गया है. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 (1) के अनुसार, प्रिंट मीडिया विशेष रूप से समाचार पत्रों में प्रकाशित सेरोगेट विज्ञापन पर होने वाले व्यय को अभ्यर्थी के खर्च में जोड़ा जाएगा, जिस के पक्ष में विज्ञापन जारी किया गया हैं. विज्ञापन यदि संबंधित उम्मीदवार की सहमति से जारी या उसके संरक्षण में हो तो वैसे विज्ञापन उस उम्मीदवार द्वारा प्राधिकृत माने जाएंगे और उस खर्चे को उनके चुनाव व्यय खाते में जोड़ा जाएगा. अगर इस तरह के विज्ञापन उम्मीदवार द्वारा प्राधिकृत नहीं हैं तो प्रकाशक या समाचार एजेंसी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 H के तहत कार्रवाई की बात कही गई है. 1. पोस्टर पम्पलेट पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम और पता दर्ज होना अनिवार्य है. साथ हील पम्पलेट कितनी संख्या में छपाया गया,ये भी लिखना है. 2. प्रकाशक से घोषणा पत्र (दो प्रति में) प्राप्त करना अनिवार्य है, जिस पर स्वयं प्रकाशक का हस्ताक्षर व दो अन्य व्यक्ति (जो उसे पहचानते हो) द्वारा अभिप्रमाणित रहें और मुद्रण कार्य समाप्ति के दो दिनों के अंदर प्रकाशक के घोषणा पत्र की एक प्रति के साथ, प्रकाशित सामग्री की प्रति, जिला निर्वाचन पदाधिकारी को भेजा जाना अनिवार्य होगा. इसे भी पढ़ें -मेन">https://lagatar.in/main-road-firing-incident-chhotu-was-the-most-wanted-criminal-of-garhwa-and-palamu-30-cases-were-registered-those-who-shot-were-also-identified/">मेन

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