Ranchi : आर्थिक और शैक्षणिक संसाधनों की कमी अब अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं की प्रशासनिक सेवा में पहुंचने की राह में बाधा नहीं बनेगी. राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हज हाउस में निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था शुरू की है.
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना के तहत गुरुवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने इसका उद्घाटन किया. शुरुआती चरण में 78 चयनित अभ्यर्थियों को जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की तैयारी करायी जायेगी. कोचिंग कार्यक्रम में जेपीएससी के 40 और जेएसएससी के 38 अभ्यर्थी शामिल होंगे.
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उद्घाटन समारोह में मंत्री ने कहा कि यह पहल अल्पसंख्यक युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक तंगी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से वंचित नहीं होना पड़े. उन्होंने उम्मीद जतायी कि हज हाउस से प्रशिक्षण लेने वाले युवा भविष्य में बीडीओ, सीओ समेत प्रशासनिक पदों पर अपनी जगह बनायेंगे.
मंत्री ने कहा कि सफलता के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, अनुशासन और लगातार मेहनत जरूरी है. सरकार कोचिंग के साथ अभ्यर्थियों को जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध करायेगी. जल्द ही उनके रहने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था करने की योजना है. उन्होंने भविष्य में इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी ऐसी सुविधाएं शुरू करने की बात कही.
उद्घाटन के बाद मंत्री ने हज हाउस में तैयार क्लास रूम और लाइब्रेरी का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने जेपीएससी की तैयारी कर रहे जामताड़ा के अभ्यर्थी एहसान इलाही से बातचीत की. एहसान ने बताया कि पिछली जेपीएससी परीक्षा में वह महज एक अंक से चूक गये थे. मंत्री ने अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बैग और अध्ययन सामग्री भी दी गयी.
कोचिंग की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन कोलकाता की एक कंपनी करेगी. जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थियों को लेकर अलग-अलग कक्षाएं तैयार की गयी हैं. दोनों बैच की नियमित पढ़ाई आज शुक्रवार से शुरू हो गई. कार्यक्रम में कल्याण सचिव कृपानंद झा, आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, डीआइजी नौशाद आलम समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

