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Ranchi : सेंट जेवियर्स कॉलेज में जियोपॉलिमर रिसर्च लैब का उद्घाटन, सस्टेनेबल निर्माण सामग्री पर होगा शोध

Ranchi : सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची में आज जियोपॉलिमर रिसर्च लैब का उद्घाटन किया गया. यह लैब सस्टेनेबल (टिकाऊ) निर्माण सामग्री और अपशिष्ट आधारित तकनीकों पर अनुप्रयुक्त शोध को बढ़ावा देने की दिशा में कॉलेज की एक महत्वपूर्ण पहल है. यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप हरित अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है.
 
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Ranchi : सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची में आज जियोपॉलिमर रिसर्च लैब का उद्घाटन किया गया. यह लैब सस्टेनेबल (टिकाऊ) निर्माण सामग्री और अपशिष्ट आधारित तकनीकों पर अनुप्रयुक्त शोध को बढ़ावा देने की दिशा में कॉलेज की एक महत्वपूर्ण पहल है. यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप हरित अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है.

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लैब का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य रेव. फादर डॉ. रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एस.जे. ने किया. इस अवसर पर रजिस्ट्रार फादर डॉ. प्रभात कैनेडी सोरेंग, जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह रायपत, डॉ. रितेश शुक्ला, डॉ. शिव शंकर सहित कई शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

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कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की सीड-मनी शोध परियोजना "Utilization of Waste Plastic in Geopolymer Development for Sustainable Concrete Materials" पर प्रस्तुति दी गई. परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. प्रिया श्रीवास्तव और सह-अन्वेषक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि इस शोध का उद्देश्य प्लास्टिक अपशिष्ट का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल जियोपॉलिमर आधारित निर्माण सामग्री विकसित करना है. उन्होंने शोध दल द्वारा तैयार किए गए जियोपॉलिमर-प्लास्टिक कम्पोजिट के पहले बैच के नमूने भी प्रदर्शित किए, जिससे स्पष्ट हुआ कि परियोजना प्रयोगशाला स्तर पर सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है.


प्राचार्य फादर डॉ. रॉबर्ट प्रदीप कुजूर ने कहा कि यह शोध प्लास्टिक कचरे और असस्टेनेबल निर्माण जैसी दो बड़ी चुनौतियों का समाधान तलाशने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हरित पहलें जलवायु संरक्षण, सर्कुलर इकॉनमी और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को बढ़ावा देती हैं. उन्होंने शोध दल को इस पहल के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह लैब पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी.


कॉलेज के अनुसार, भविष्य में यह जियोपॉलिमर रिसर्च लैब कम-कार्बन और अपशिष्ट आधारित निर्माण सामग्री पर अंतर-विषयी शोध का प्रमुख केंद्र बनेगी. यह पहल विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र के SDG-9 (उद्योग, नवाचार और अवसंरचना), SDG-11 (सतत शहर एवं समुदाय), SDG-12 (उत्तरदायी उपभोग एवं उत्पादन) और SDG-13 (जलवायु कार्रवाई) के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में योगदान देगी.

 

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