Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में M .COM की फीस में भारी बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. पिछले कई महीनों से छात्र इस फैसले के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और अब उन्होंने नए कुलपति से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है.
छात्र प्रतिनिधि वसीम अंसारी ने बताया कि पहले एमकॉम की सालाना फीस करीब ₹6,890 थी, जिसे बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है. इतना ही नहीं, अब फीस सालाना के बजाय प्रति सेमेस्टर वसूली जा रही है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है.
छात्रों का आरोप है कि फीस बढ़ाने के बावजूद विश्वविद्यालय में सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है. कॉमर्स विभाग में लगभग 2000 छात्रों के लिए केवल 5 क्लासरूम हैं. विभाग से विश्वविद्यालय को सालाना करीब ₹2 करोड़ की आय होती है, जबकि शिक्षकों के वेतन पर मात्र 50-60 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं. इसके बावजूद स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं.
इस मामले को लेकर छात्रों ने हाल ही में नवनियुक्त स्थायी कुलपति डॉ. राजीव मनोहर को ज्ञापन सौंपा है. कुलपति ने कहा है कि वे अभी नए हैं और फीस संरचना की पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने रजिस्ट्रार और वित्त पदाधिकारी से चर्चा के लिए दो दिन का समय मांगा है.
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. इस बार छात्र पूरे विश्वविद्यालय को प्रभावित करने के बजाय केवल कॉमर्स विभाग और प्रशासनिक भवन की तालाबंदी करेंगे, ताकि अन्य छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
छात्रों का कहना है कि वे “2026 की फीस के साथ 19वीं सदी जैसी सुविधाएं” स्वीकार नहीं करेंगे. अब इस पूरे मामले में कुलपति के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं. शनिवार को एम कॉम छात्र फिरसे कुलपति से मुलाकात कर स्थिति के बारे में जानकारी लेंगे. यदि उनकी मांगों पर कार्य होता है तो ठीक अन्यथा विभाग की अनिश्चितकालीन बंदी होगी.
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