Ranchi : रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) में एक महिला कैदी के गर्भवती होने और यौन शोषण के आरोपों पर कोर्ट के स्वतः संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. राज्य सरकार ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश की.
वहीं हाईकोर्ट के आदेश की आलोक में रांची के जुडिशियल कमिश्नर ने न्यायिक जांच की वर्तमान स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट दिया. साथ ही न्यायिक जांच की सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत किया. हाईकोर्ट ने इसका अवलोकन करने के बाद मामले के अगली सुनवाई 9 जुलाई निर्धारित की.
राज्य सरकार की ओर से पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि मामले में जुडिशियल कमिश्नर रांची ने 19 मई 2026 को जुडिशियल मजिस्ट्रेट -XI, रांची को निर्देश दिया था कि वे धारा 196(2)(b), BNSS, 2023 के तहत न्यायिक जांच करें और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दें.
रिपोर्ट आने पर जल्दी इसे कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी. मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से पीड़ित महिला की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मांगी थी. वहीं कोर्ट ने जुडिशियल कमिश्नर, रांची से मामले में जुडिशल मजिस्ट्रेट रांची द्वारा की गई जुडिशियल इंक्वारी की रिपोर्ट मांगी थी. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने मामले की सुनवाई की.
दरअसल, प्रतिपक्ष नेता बाबूलाल मरांडी एवं मीडिया में इस संबंध मामला आने के बाद झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) ने जांच टीम गठित की थी. टीम ने जेल जाकर जांच की और पीड़िता, जेल पीएलवी तथा जेल चिकित्सक के बयान दर्ज किए थे. जांच रिपोर्ट झालसा को भेज दी गई थी. वहीं, रांची जिला प्रशासन और जेल आईजी की ओर से भी अलग से जांच की थी.
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