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रांची: झारखंड जगुआर का 18वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

Ranchi :  झारखंड पुलिस की विशेष एंटी नक्सल इकाई झारखंड जगुआर का 18वां स्थापना दिवस रांची स्थित जगुआर मुख्यालय में धूमधाम से मनाया गया. स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान को याद किया गया. इस दौरान जवानों ने परेड और हथियारों का प्रदर्शन भी किया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. 

 

मौके पर झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी साकेत सिंह आईजी माइकल राज आईजी अनूप अनूप बीथ्रे , आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अजय लिंडा,आईजी प्रभात कुमार, डीआईजी कन्हैया मयूर पटेल, डीआईजी इंद्रजीत महाथा,डीआईजी चंदन झा अन्य वरीय पदाधिकारी एवं जवानों के परिजन और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

 

 

 

झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए जगुआर के सभी पदाधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह दिन उन वीर जवानों को याद करने का है, जिन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया.

 

 डीजीपी ने कहा कि उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब राज्य में नक्सल गतिविधियां चरम पर थीं. उसी चुनौतीपूर्ण समय में 19 फरवरी 2008 को झारखंड जगुआर का गठन किया गया था. नक्सल उन्मूलन अभियान में इस विशेष बल की भूमिका बेहद अहम रही है.

 


तदाशा मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित सारंडा जंगल में कुछ नक्सली सक्रिय हैं, जिनके खिलाफ जगुआर और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है. 

 

निरंतर कार्रवाई और रणनीतिक प्रयासों के कारण झारखंड अब लगभग नक्सल मुक्त होने की ओर बढ़ चुका है. डीजीपी ने यह भी कहा कि सरकार जवानों के बेहतर इलाज के लिए 10 बेड का अस्पताल बनाने की तैयारी कर रही है.  

 

वहीं, जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे ने कहा कि गठन के बाद से झारखंड जगुआर ने राज्य में शांति स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने बताया कि अब तक जगुआर के 24 वीर जवान शहीद हुए हैं और वे सभी को नमन करते हैं. 

 


आईजी ने कहा कि झारखंड पुलिस और जगुआर के समर्पित प्रयासों के कारण आज राज्य इस मुकाम पर खड़ा है. फिलहाल चाईबासा जिला को नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है, लेकिन पुलिस और जगुआर की टीम जल्द ही वहां भी पूरी तरह शांति स्थापित कर देगी. एंटी-नक्सल ऑपरेशन के उद्देश्य से गठित इस विशेष बल ने अपने लक्ष्य को काफी हद तक हासिल कर लिया है, जो झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

 

 

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