Search

 
 
 

रांची JSCA स्टेडियम हादसा केस: HC ने लेबर कोर्ट के आदेश को बदला, कहा-वालमोंट कंपनी ही मुआवजे को जिम्मेदार

Ranchi :  झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में तीन तकनीशियनों की मौत से जुड़े मुआवजा मामले में  फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की कोर्ट ने श्रम न्यायालय रांची के आदेश में संशोधन करते हुए मेसर्स वालमोंट स्ट्रक्चर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को मृत कर्मचारियों का प्रधान नियोक्ता (Principal Employer) और गुलाब खान को तात्कालिक नियोक्ता (Immediate Employer) घोषित किया है.
 
कोर्ट-कचहरी की खबरें
  • जेएससीए की तीनों अपीलों को आंशिक रूप से किया स्वीकार, वालमोंट स्ट्रक्चर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की तीनों अपीलें की खारिज

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में तीन तकनीशियनों की मौत से जुड़े मुआवजा मामले में  फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की कोर्ट ने श्रम न्यायालय रांची के आदेश में संशोधन करते हुए मेसर्स वालमोंट स्ट्रक्चर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को मृत कर्मचारियों का प्रधान नियोक्ता (Principal Employer) और गुलाब खान को तात्कालिक नियोक्ता (Immediate Employer) घोषित किया है.

इसे भी पढ़ें...

 

हाईकोर्ट ने जेएससीए की तीनों अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए श्रम न्यायालय के आदेश में संशोधन किया, जबकि वालमोंट स्ट्रक्चर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की तीनों अपीलें खारिज कर दीं. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने सुनाए गए निर्णय में कहा कि मृत कर्मचारियों का वालमोंट स्ट्रक्चर्स और गुलाब खान के साथ रोजगार संबंध रिकॉर्ड से सिद्ध है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आपराधिक मुकदमे में आरोपितों के बरी होने का असर कर्मचारी मुआवजा मामलों पर नहीं पड़ता, क्योंकि आपराधिक और मुआवजा मामलों में साक्ष्य के मानदंड अलग-अलग होते हैं.


हाईकोर्ट ने कहा कि श्रम न्यायालय ने 2 मार्च 2023 को तीन अलग-अलग मामलों में मृतक मो. इफ्तेखार, मो. शहबाज अंसारी उर्फ शहजादा खान और अलीम अंसारी के आश्रितों को लगभग 15.67 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था.


सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि प्रारंभ में मामला केवल वालमोंट स्ट्रक्चर्स और गुलाब खान के विरुद्ध लड़ा गया था, लेकिन बाद में 23 दिसंबर 2021 को झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) को भी पक्षकार बनाया गया. जेएससीए की अनुपस्थिति के कारण श्रम न्यायालय ने उसके विरुद्ध एकतरफा आदेश पारित कर दिया था.


हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि जेएससीए पहले ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि का भुगतान कर चुका है और उसकी वसूली के लिए श्रम न्यायालय में कार्यवाही शुरू कर चुका है, इसलिए उसे वालमोंट स्ट्रक्चर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गुलाब खान से यह राशि वसूलने की स्वतंत्रता रहेगी.


कोर्ट ने कर्मचारी मुआवजा अधिनियम की धारा 12 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में ठेकेदार पर प्रधान नियोक्ता को क्षतिपूर्ति करने की कानूनी जिम्मेदारी होती है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही