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नगर निगम रांची ने कर बकायेदारों को दी अंतिम चेतावनी

10 दिनों में कर चुकाने का निर्देश, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई


Ranchi : रांची नगर निगम ने कर भुगतान में लापरवाही करने वाले बड़े बकायेदारों पर सख्त रुख अपनाया है. निगम क्षेत्राधिकार में कर नहीं चुकाने वाले शीर्ष 500 बकायेदारों की सूची निगम की आधिकारिक वेबसाइट www.ranchimunicipal.com पर सार्वजनिक कर दी गई है.

 

 

नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित बकायेदारों को निर्देश दिया है कि वे इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपने-अपने लंबित कर का पूरा भुगतान कर दें.

 

शीर्ष 10 बड़े बकायेदार (2024-25)

  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.आई.टी., सर्कुलर रोड, रांची) – ₹16,54,297.88
  • सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल (धुर्वा, रांची) – ₹14,89,550.56
  • इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट (आई.एस.एम., पुंदाग) – ₹12,05,799.96
  • हरीश मुंजाल (मेन रोड, रांची) – ₹11,23,549.72
  • डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी (बरियातू, बूटी रोड, रांची) – ₹10,79,238.66
  • गोविंद प्रसाद भाला, रामअवतार भाला (हिंदुस्तान बिल्डिंग, मेन रोड) – ₹10,34,460.04
  • सुनील लोहिया (कचहरी रोड, रांची) – ₹10,33,414.24
  • इला रानी, कमल कुमार सिंह, प्रकाश यादव (कोकर एच.बी. रोड, रांची) – ₹9,84,992.52
  • अनिल कुमार गुप्ता, संदीप कुमार गुप्ता, सुजीत कुमार गुप्ता आदि (हरमू रोड, रांची) – ₹8,95,256.76
  • सुषमा देवी (दत्ता विला कंपाउंड, नया टोला, मोराबादी) – ₹7,56,778.76

निजी स्कूलों पर उठ रहे सवाल

इस सूची में कई निजी स्कूल और शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं. नगर निगम सूत्रों के अनुसार, ये स्कूल बच्चों से मोटी फीस वसूलते हैं और हर साल विभिन्न मदों में अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालते हैं. लेकिन कर भुगतान के समय ये संस्थान अक्सर अपने आप को ट्रस्ट बताकर छूट पाने की कोशिश करते हैं.

 

 ट्रस्ट को "नो प्रॉफिट, नो लॉस" के सिद्धांत पर चलना चाहिए. लेकिन आज ज्यादातर निजी स्कूल पूरी तरह लाभ कमाने वाले व्यवसाय बन चुके हैं. ऐसे में नगर निगम ने साफ संदेश दिया है कि चाहे संस्थान स्कूल हो, कॉलेज हो या कोई निजी संस्था कर अदायगी से कोई भी नहीं बच पाएगा.


निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 184 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी. इसमें बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे. यह नोटिस अंतिम चेतावनी के रूप में जारी किया गया है और इसमें सभी बकायेदारों को सख्ती से कर अदायगी करने की ताकीद दी गई है.

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