Ranchi : बड़ा घाघरा स्थित निगम की जमीन पर कब्जे को लेकर दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) में सर्वोच्च न्यायालय से रांची नगर निगम को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने फैसला निगम के पक्ष में सुनाया है. इसके बाद निगम प्रशासन ने संबंधित भूमि के उपयोग की प्रक्रिया तेज कर दी है.
गुरुवार को अपर प्रशासक संजय कुमार ने वार्ड संख्या 48, बड़ा घाघरा स्थित करीब 2 एकड़ 80 डिसमिल निगम भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया. यहां 50 टन प्रति दिवस (टीपीडी) क्षमता का मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है.
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पूरी जमीन की घेराबंदी कर बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके.
स्थल पर अवैध कब्जा किए लोगों को स्वेच्छा से जमीन खाली करने की चेतावनी भी दी गई है. अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इधर, खादगढ़ा स्थित निगम भूमि का भी निरीक्षण किया गया, जहां 40 टीपीडी क्षमता के एमआरएफ प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है. संबंधित अधिकारियों को वहां से भी अवैध कब्जा जल्द हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि परियोजना समय पर शुरू हो सके.
निगम प्रशासन का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में एमआरएफ केंद्र अहम भूमिका निभाएंगे. इससे कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन और रिसाइक्लिंग प्रक्रिया को गति मिलेगी. निरीक्षण के दौरान भू-संपदा और स्वच्छता शाखा के अधिकारी मौजूद थे.
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