Ranchi News: पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री व उनके मालिकाना हक वाले प्रतिष्ठान के खाते में 3.8 करोड़ रुपये नकद जमा किया गया था. इस राशि में बैंकिंग चैनलों के सहारे 30 लाख रुपये पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिया गया था. प्रवर्तन निदेशालय ने छापामारी के बाद जारी विज्ञप्ति में इस बात की जानकारी दी है.
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ईडी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि 29 सितंबर को Mass Art Socity से जु़ड़े 15 ठिकानों पर छापा मारा. इस सोसाइटी के ख़िलाफ़ थाने में दुर्गा पूजा पंडालों के Preview Show के नाम पर टिकट बेचने और उसकी निजी इस्तेमाल करने के आरोप में जयदीप मुखर्जी द्वारा की गयी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. ईडी ने इसे जांच के लिए ECIR के रूप में दर्ज किया.
मधु छंदा सेन Mass Art Socity की अध्यक्ष है. ध्रुव ज्योति बोस इसके सचिव और रंजन चटर्जी इसके कोषाध्यक्ष है. प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया था कि यह सोसाईटी UNESCO( United Nations Educational Scientific and Cultural Organization) का लोगो गलत तरीके से इस्तेमाल करती है. इस सोसाइ टी द्वारा पूजा पंडालों के Preview Show के नाम पर 1749 रुपये से 5499 रुपये तक में 24 चुनिंदा पूजा पंडालों का टिकट बेचा जाता है.
ईडी ने जांच में पाया कि इस सोसाइटी ने UNESCO के लोगो का गलत इस्तेमाल किया. सोसाइटी ने 2023-2024 के बीच एक लाख से ज्यादा टिकटों की बिक्री की. इसके बाद सोसाइटी के खाते से नक़द नक़द निकासी की गयी. जांच में पाया गया कि इंद्रनील सने के मंत्री रहने के दौरान Mass Art Socity के सचिव ध्रुव ज्योति बोस और दिपेश रॉय से जुड़ी कंपनियों को पर्यटन विभाग का 85 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया था.
पर्यटन विभाग का टेंडर पाने वाली इन कंपनियों के खाते से भारी नकदी की निकासी की गयी. जांच में पाया गया कि इंद्रनील सेन और उनके मालिकाना हक वाली कंपनी M/s Octave Records के खाते में 3.8 करोड़ रुपये नकद जमा किया गया था. इसमें से 30 लाख रुपये पूर्व मंत्री ममता बनर्जी को दिया गया था. इंद्रनील सेन से इसे रॉयल्टी के रूप में दी गयी राशि बताई. मामले में जांच अभी आगे की जांच जारी है.
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