Ranchi: झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन और लहू बोलेगा रक्तदान संगठन की ओर से रांची सदर अस्पताल ब्लड बैंक परिसर में बैठक आयोजित की गई. बैठक में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, अप्लास्टिक एनीमिया और हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों ने सरकार की घोषणाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई.
बैठक की अध्यक्षता विक्रम कुमार दास ने की, जबकि संचालन सुजाता कुमारी ने किया. वक्ताओं ने कहा कि दिसंबर 2025 में विधानसभा सत्र के दौरान रक्त विकार संबंधी रोगों के लिए नीति बनाने, रांची में बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) की सुविधा शुरू करने, बीएमटी के लिए 15 लाख रुपये की सहायता, निःशुल्क दवा, रक्त, इलाज, जांच और स्क्रीनिंग की व्यवस्था लागू करने और 21 जिलों में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाने की घोषणा की गई थी.
मरीजों और परिजनों का कहना था कि पांच महीने बीत जाने के बावजूद अधिकांश घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं. उन्होंने बताया कि करीब 60 बच्चे बोन मैरो ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे हैं. साथ ही नियमित रक्त और जरूरी दवाएं भी उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं.
बैठक में रक्त विकार से ग्रसित मरीजों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई. उपस्थित लोगों ने सरकार से जल्द से जल्द घोषणाओं को लागू करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की. बैठक में नदीम खान, विमला कच्छप, दीपक कच्छप, शांति देवी, पुनिया उरांव, सुमित्रा देवी, दिलेश्वर महतो समेत कई लोग मौजूद थे.
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