Ranchi: ग्लोबल वॉर्मिंग में 1°C की वृद्धि के कारण लू (heat waves) की अवधि लंबी होती जा रही है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लू के दौरान शरीर में पानी की कमी होने से शरीर में खुद को ठंडा रखने की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित होती है, जिसके कारण हीट स्ट्रोक हो सकता है.
दोपहर के समय तेज धूप में भारी शारीरिक काम करने से बचने की सलाह दी गई है. लोगों से कहा गया है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें. कैफीन और अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों से बचने की भी सलाह दी गई है क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है. बाहर निकलते समय हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनने को कहा गया है. साथ ही बीच-बीच में छायादार स्थान पर आराम करने की भी सलाह दी गई है.
यदि किसी व्यक्ति को हीट स्ट्रोक हो जाता है तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाना चाहिए. शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडी पट्टी का उपयोग किया जाना चाहिए. मरीज को धीरे-धीरे ठंडे पानी के छोटे घूंट पिलाने की सलाह दी गई है. स्थिति में सुधार होने पर हल्के और नमी वाले खाद्य पदार्थ जैसे फल और सब्जियां देने की बात कही गई है.
यह जानकारी राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम की ओर से जनहित में जारी की गई है, ताकि लोगों को गर्मी के मौसम में सुरक्षित रखा जा सके.
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