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Ranchi News : हूल दिवस पर AIPF ने उठाए डोमिसाइल, रोजगार समेत कई मुद्दे

Ranchi : झारखंड विधानसभा से पारित 1931 के खतियान आधारित डोमिसाइल कानून को अब तक लागू नहीं किया जाना असंवैधानिक है. झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्यों का लगातार आर्थिक शोषण हो रहा है, जबकि यहां के लोगों को विकास का लाभ नहीं मिल रहा. यह बातें ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को पुराना विधानसभा परिसर में हूल दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में कहीं.
 
  • -हूल दिवस पर राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले वक्ता- कॉर्पोरेट मॉडल नहीं, स्थानीय जरूरतों पर आधारित विकास नीति अपनाए सरकार
  • -कॉर्पोरेट नहीं, स्वदेशी विकास मॉडल की जरूरत

Ranchi : झारखंड विधानसभा से पारित 1931 के खतियान आधारित डोमिसाइल कानून को अब तक लागू नहीं किया जाना असंवैधानिक है. झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्यों का लगातार आर्थिक शोषण हो रहा है, जबकि यहां के लोगों को विकास का लाभ नहीं मिल रहा. यह बातें ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को पुराना विधानसभा परिसर में हूल दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में कहीं.

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उन्होंने कहा कि आदिवासियों और मूल निवासियों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और भूमिहीनों को आवासीय भूमि जैसे अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए. मुख्य वक्ता वैज्ञानिक डॉ. दिनेश अबरोल ने कहा कि मौजूदा कॉर्पोरेट केंद्रित विकास मॉडल आम लोगों को हाशिए पर धकेल रहा है. देश को किसान, मजदूर और छोटे-मझोले उद्यमों पर आधारित स्वदेशी एवं लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना होगा.


झारखंड की पूंजी बाहर जा रही, गरीबों की हो रही आर्थिक लूट

एआईपीएफ के झारखंड प्रभारी विजय सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में बैंकों में जमा करीब 60 प्रतिशत पूंजी दूसरे राज्यों में चली जाती है. वहीं, माइक्रोफाइनेंस और चिटफंड कंपनियां गांवों में महिलाओं और गरीब परिवारों का आर्थिक शोषण कर रही हैं. उन्होंने इन कंपनियों पर सख्त नियंत्रण और झारखंड की पूंजी को राज्य के विकास में लगाने की मांग की.

 

अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने जनगणना में अलग आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर निर्णय लेने से बच रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को स्वीकार किया जाना चाहिए.


मौके पर अखिल भारतीय मानव सेवा दल के अध्यक्ष शिव प्रसाद अग्रवाल, आम आवाम विकास मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनरेश यादव, झारखंड जन क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष अमरेंद्र मुनी, रोजगार अधिकार अभियान के कोऑर्डिनेटर राजेश सचान, दिनकर कपूर, भाकपा (माले) रेड स्टार के महावीर पोद्दार, रेखा सिंह, राष्ट्रीय कुली मोर्चा के कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव, पुष्पा उरांव, राजेंद्र प्रसाद गोंड, कृपा शंकर पनिका, हफीजुर रहमान, अब्दुल खालिक, रूबी सिंह गोंड, सुरेंद्र पांडेय समेत अन्य शामिल थे.

 

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