Ranchi : आजसू पार्टी ने झारखंड सरकार के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित Restructuring और Clustering System का कड़ा विरोध करते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा. पार्टी ने इस व्यवस्था को छात्र-विरोधी, अव्यावहारिक और झारखंड की शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा बताया.

ज्ञापन में कहा गया कि उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी विभिन्न संकल्प पत्रों के माध्यम से रांची विश्वविद्यालय सहित राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन तथा क्लस्टरिंग सिस्टम को लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है. आजसू ने इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है.
पार्टी का कहना है कि झारखंड के अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण, आदिवासी, दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं. वर्तमान व्यवस्था में एक ही महाविद्यालय में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को विषय चयन की सुविधा मिलती है. लेकिन प्रस्तावित क्लस्टरिंग सिस्टम के तहत अलग-अलग महाविद्यालयों को अलग-अलग संकायों तक सीमित करने से छात्रों को विभिन्न कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे आर्थिक और शैक्षणिक समस्याएं बढ़ेंगी.
आजसू ने कहा कि इस व्यवस्था से गरीब और ग्रामीण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, वहीं छात्राओं की शिक्षा पर भी गंभीर असर पड़ेगा. पार्टी ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की बहुविषयी शिक्षा की अवधारणा के विपरीत है.
ज्ञापन में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पदों को Surrender करने के प्रस्ताव पर भी चिंता जताई गई. आजसू ने कहा कि पहले से ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भारी कमी है, ऐसे में पदों की कटौती से शिक्षा व्यवस्था और कमजोर होगी.
पार्टी ने विशेष रूप से जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की. आजसू के अनुसार संताली, हो, कुड़ुख, मुंडारी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया और कुड़माली जैसी भाषाओं के विभाग कमजोर होने से झारखंड की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा.
ज्ञापन के माध्यम से आजसू ने मांग की कि क्लस्टरिंग एवं रिस्ट्रक्चरिंग संबंधी संकल्प को तत्काल निरस्त किया जाए, सभी महाविद्यालयों में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय पूर्ववत संचालित रहें, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभाग सुरक्षित रखे जाएं तथा शिक्षकों और कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति की जाए.ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव सक्षम झा, प्रदेश सचिव राजेश सिंह, महानगर अध्यक्ष अमन साहू, निशांत लिंडा, मोहन कुमार और संदीप सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे
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