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Ranchi News : 558 करोड़ की एंबुलेंस बेकार, स्वास्थ्य विभाग पर बाबूलाल के गंभीर आरोप, CBI जांच की मांग

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में भ्रष्टाचार ने झारखंड की व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है. राज्य में कानून व्यवस्था, विकास और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित है और इसकी सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार है.
 

Ranchi : भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में भ्रष्टाचार ने झारखंड की व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है. राज्य में कानून व्यवस्था, विकास और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित है और इसकी सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार है.

 

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के हित में काम करने के बजाय सिर्फ कमाई में लगी हुई है. उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे पूरे सिस्टम में मनमानी बढ़ गई है.

 

उन्होंने विशेष रूप से झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) में हुई कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. मरांडी ने कहा कि कंसल्टेंट शैलेंद्र श्रीवास्तव को नियमों की अनदेखी करते हुए बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के पांचवें साल के लिए सेवा विस्तार दिया गया.

 

एंबुलेंस खरीद मामले को लेकर उन्होंने कहा कि जून 2022 में 558 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 206 एंबुलेंस पिछले एक साल से नामकुम में बेकार पड़ी हैं और उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है. इसके बावजूद सरकार ने 80 करोड़ रुपये की लागत से 237 नई एंबुलेंस खरीदने के लिए टेंडर जारी कर दिया.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस निर्माण का काम ऐसी कंपनी को दिया गया, जो तय मानकों के अनुसार 20 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर की शर्त भी पूरी नहीं करती थी.

 

दवा खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मरांडी ने कहा कि निगम के गोदामों में करीब 24 लाख यूनिट जीवन रक्षक दवाएं एक्सपायर हो गईं. जबकि सॉफ्टवेयर में एक्सपायरी अलर्ट की सुविधा पहले से मौजूद थी. उन्होंने इसे जनता के पैसे की खुली बर्बादी बताया.

 

बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि JMHIDPCL का दोबारा ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. साथ ही दवा एक्सपायरी और गलत नियुक्तियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR दर्ज करने की मांग की. उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग उठाई.

 

राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार अब चुनाव की निगरानी सीबीआई और ईडी से कराने की बात कर रहे हैं. मरांडी ने कहा कि अगर सरकार गंभीर है तो भ्रष्टाचार से जुड़े पहले भेजे गए पत्रों को भी जांच एजेंसियों को सौंपना चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा राज्यसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी.

 

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने आधार और राशन कार्ड से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का भी जिक्र किया और कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है. हालांकि यदि कोई मामला उनके पास आता है तो वे व्यक्तिगत स्तर पर मदद करने की कोशिश करेंगे.

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