Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL/ JBVNL) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) के. श्रीनिवासन एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य की विद्युत व्यवस्था, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की.
बैठक में झारखंड चैंबर की ओर से अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, एनर्जी उप समिति के चेयरमैन बिनोद तुलस्यान एवं सदस्य अजय भंडारी उपस्थित थे. इसके अलावा लघु उद्योग भारती, जैसिया, एसिया एवं सीआईआई के पदाधिकारी भी शामिल हुए.
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को प्रभावित कर रही विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. चैंबर ने बिजली बाधित होने के बाद मरम्मत कार्यों में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता बताई. औद्योगिक क्षेत्रों में शीघ्र समस्या समाधान के लिए विशेष क्विक रिएक्शन टीम गठित करने का सुझाव दिया गया.
प्रतिनिधिमंडल ने लंबे फीडरों को छोटा एवं संतुलित करने पर बल दिया, ताकि बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन को कम किया जा सके. तुपुदाना सब-स्टेशन के अंतर्गत एक ही फीडर पर अत्यधिक भार होने की समस्या को गंभीर बताते हुए उसका पुनर्गठन जल्द करने की मांग की गई.
बैठक में ट्रांसफॉर्मर एवं एबी स्विच जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के नियमित निरीक्षण और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस सिस्टम को मजबूत करने का सुझाव भी दिया गया. साथ ही छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए पूरे सब-स्टेशन की लाइन बंद करने की व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए स्थानीय स्तर पर समाधान विकसित करने की बात कही गई.
चैंबर ने बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मर एवं टूटने वाले कंडक्टर की पहचान के लिए व्यापक डेटा मैपिंग एवं सर्वे कराने का सुझाव दिया. अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजनाओं के लिए विस्तृत मैपिंग एवं मार्किंग सिस्टम विकसित करने और भविष्य की परियोजनाओं में सेक्वेशियल कम्पलीशन मॉडल अपनाने की सलाह भी दी गई.
अशोक नगर परियोजना को सफल मॉडल बताते हुए तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई. चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि जेवीबीएनएल प्रबंधन एवं विभागीय अधिकारी उद्योगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे, जिससे राज्य में निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.
बैठक के दौरान झारखंड चैंबर के आग्रह पर CMD के. श्रीनिवासन ने हर माह की 17 तारीख को झारखंड चैम्बर के साथ विभाग की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने की सहमति दी. साथ ही विवादों के निपटारे के लिए डिस्प्यूट रेड्रेसल कमिटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें चैम्बर की भागीदारी रहेगी.
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