
जानकारी के अनुसार, पुराना अरगोड़ा चौक से अशोकनगर और कडरू होते हुए रेडिसन ब्लू तक जितने भी टोटो चलते हैं, नगर निगम उनसे टोकन के जरिये हर दिन 30 रुपये शुल्क लेता है. हालांकि चालकों का आरोप है कि कई बार वसूली करने वाले एजेंट बिना टोकन दिए ही पैसे वसूलते हैं और राशि एजेंटों की जेब में चली जाती है.
इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है. चालकों का कहना है कि जब वे टोकन मांगते हैं या इस तरह की वसूली का विरोध करते हैं, तो उन पर दबाव बनाया जाता है. कई मामलों में विवाद बढ़ने पर मारपीट की घटनाएं भी सामने आती हैं.
टोटो और ऑटो चालकों ने नगर निगम की वसूली व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यदि कोई चालक निर्धारित क्षेत्र से दूसरे रूट पर जाता है, तो उससे दोबारा टोकन शुल्क लिया जाता है. चालकों के अनुसार, एक ही दिन में अलग-अलग चौक या रूट पर बार-बार टोकन काटने की व्यवस्था अनुचित है.
उनका मानना है कि पूरे दिन के लिए एक ही टोकन मान्य होना चाहिए, जिससे चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े. चालकों ने नगर निगम से वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, सभी भुगतान के बदले अनिवार्य रूप से टोकन जारी करने और अवैध वसूली की शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है.
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