Ranchi: बोकारो की रहने वाली 29 वर्षीय सोनी देवी को सीढ़ी से गिरने के बाद गंभीर स्पाइनल चोट लग गई थी. 20 अप्रैल 2026 को हुई इस दुर्घटना में उनकी गर्दन की C5 और C6 हड्डियों में गंभीर चोट आई थी. चोट के कारण स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव बन गया था, जिससे हाथ और पैरों में काफी कमजोरी आ गई थी. मरीज के दोनों हाथ और पैरों की ताकत घटकर 3/5 रह गई थी.
एमआरआई जांच में सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर चोट और कॉर्ड एडेमा की पुष्टि हुई. मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन "C5-C6 Corpectomy with Corpectomy Cage" किया. यह सर्जरी संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक की गई.
न्यूरोसर्जन डॉ. आनंद प्रकाश ने बताया कि गर्दन की टूटी हड्डियां स्पाइनल कॉर्ड को दबा रही थीं, जिससे मरीज के हाथ-पैर कमजोर हो गए थे. उन्होंने कहा कि समय पर ऑपरेशन नहीं होता तो मरीज को स्थायी लकवे का खतरा हो सकता था. उन्होंने बताया कि इस तरह की सर्जरी बेहद संवेदनशील होती है और ऑपरेशन के दौरान लकवे का जोखिम भी बना रहता है.
सफल सर्जरी के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ है. अब उनके हाथ और पैर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार मरीज के सभी अंगों की शक्ति अब 5/5 हो गई है और वह सामान्य गतिविधियां करने में सक्षम हैं. रिम्स के डॉक्टरों की इस सफलता ने एक बार फिर संस्थान की आधुनिक न्यूरोसर्जरी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम की दक्षता को साबित किया है.
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