Ranchi : सिरम टोली सरना स्थल में शनिवार को आदिवासी समाज के विभिन्न आदिवासी संगठनों ने दिल्ली में होने वाले जनजाति समागम के विरोध को लेकर संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया. इस दौरान पूर्व मंत्री गीता श्री उरांव, सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमशाही मुंडा, शीला उरांव, सिलिना लकड़ा और ज्योत्स्ना केरकेट्टा मौजूद रहे.
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डीलिस्टिंग करना है तो सभी समुदायों का करे, ईसाई समुदाय ही क्यों? भाजपा कभी आदिवासियों के धर्म के बारे में नहीं बोलती हैं. पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि देशभर के आदिवासी अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए धर्म कॉलम की लड़ाई लड़ रहे हैं. जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा पिछले तीन वर्षों से धर्मांतरित आदिवासियों के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं.
वहीं, दूसरी ओर सरना सनातन एक बताकर आदिवासियों को हिंदू में थोपने का प्रयास कर रहे हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने का का ऐलान किया जा रहा हैं. आदिवासियों के धर्म कॉलम को हटा दिया जा रहा है. इस पर कभी जनजाति सुरक्षा मंच नही बोलती हैं.
पूर्व मंत्री गीता श्री उरांव ने कहा कि आदिवासियों को षड़यंत्र के तहत डीलिस्टिंग किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और पारंपरिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.
प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज के अस्तित्व और अधिकारों पर लगातार हमला हो रहा है, ऐसे में समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की साजिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा. सम्मेलन में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समाज से एकजुट रहने और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया.
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